सुकमा के किसानों को मिला सरकारी योजनाओं का संबल : समय पर खाद-बीज मिलने से सोमारू राम के चेहरे पर लौटी मुस्कान

सुकमा। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान-अनुकूल नीतियों के चलते सुकमा जिले के काश्तकारों को इस खरीफ सीजन में खेती-किसानी के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशा-निर्देशों पर जिला प्रशासन ने बुआई से पहले ही किसानों तक उत्तम किस्म के बीज, पर्याप्त खाद और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए बेहद आसान ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है। सरकार के इस कदम से किसानों की राह काफी आसान हो गई है।
समय पर मिली मदद ने दूर की सोमारू की चिंता
छिंदगढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुम्हाररास के रहने वाले सोमारू राम इस सकारात्मक बदलाव के जीवंत उदाहरण हैं। मात्र दो एकड़ जमीन पर खेती करने वाले सोमारू को इस बार अपनी फसलों के लिए छिंदगढ़ सहकारी समिति से रियायती दर पर केसीसी लोन मिला है। इसके अलावा, उन्हें कुकानार समिति से उच्च गुणवत्ता वाले धान के बीज सहित यूरिया, डीएपी, एनपीके और पोटाश जैसी जरूरी खादें भी बिना किसी देरी के मिल गईं।
अपनी खुशी जाहिर करते हुए सोमारू राम ने बताया: “पहले मानसून आते ही खाद-बीज और पैसों का इंतजाम करना किसी बड़े सिरदर्द से कम नहीं था। लेकिन इस साल सरकार की मुस्तैदी से सब कुछ समय पर हाथ में आ गया। अब कर्ज और संसाधनों की कोई चिंता नहीं है, मैंने सही समय पर बोआई शुरू कर दी है और इस बार पैदावार भी शानदार होने की उम्मीद है।”
उन्होंने छोटे किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन का दिल से आभार जताया है।
कालाबाजारी पर प्रशासन का कड़ा पहरा
किसानों को राहत देने के साथ-साथ सुकमा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कृषि इनपुट की कालाबाजारी, अवैध स्टॉकिंग और बिचौलियों की मनमानी को रोकने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। प्रशासन का साफ संदेश है कि किसी भी हाल में किसानों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा और उन्हें सही कीमत पर ही कृषि सामग्रियां मिलेंगी।
प्रशासन की इस मुस्तैदी और समय पर मिले सपोर्ट ने सुकमा के अन्नदाताओं के भीतर एक नया भरोसा जगाया है, जिससे इस खरीफ सीजन में बंपर पैदावार की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।
















