छत्तीसगढ़

सुशासन शिविर बना मददगार, दिव्यांग बच्चों को मिली नई राह

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी नीतियों और प्रशासनिक संवेदनशीलता का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करने और उनका भरोसा जीतने में बेहद मददगार साबित हो रहा है। इन विशेष शिविरों के जरिए आम जनता की शिकायतों और जरूरतों का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है, जिससे लोगों के बीच काफी खुशी का माहौल है।

इसी सिलसिले में जिला दंतेवाड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम हितामेटा में एक शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान ग्राम कोरकोटी के दो जरूरतमंद परिवारों ने अपने दिव्यांग बच्चों की सहायता के लिए प्रशासन के सामने गुहार लगाई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों ने बिना किसी देरी के त्वरित कदम उठाए। प्रशासन की ओर से अस्थि बाधित (हड्डियों की कमजोरी से पीड़ित) बालिका जुलगो मुचाकी (पुत्री बुटलू मुचाकी) और बालक नारसू पोयाम (पुत्र आयतू राम पोयाम) को तत्काल नई व्हीलचेयर सौंपी गई।

बदलेगी बच्चों की जिंदगी

व्हीलचेयर मिलने से इन मासूम बच्चों और उनके माता-पिता को एक बहुत बड़ा संबल मिला है। अब इन बच्चों को अपनी रोजमर्रा की आदतों, स्कूल जाने-आने और घर के बाहर की गतिविधियों में काफी आसानी होगी। बच्चों के परिजनों ने भावुक होते हुए बताया कि तंगहाली और कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते वे चाहकर भी काफी समय से अपने बच्चों के लिए व्हीलचेयर नहीं खरीद पा रहे थे। लेकिन इस शिविर ने उनकी इस बड़ी चिंता को पल भर में दूर कर दिया।

स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के इस संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण की जमकर तारीफ की है। लोगों का कहना है कि यह आयोजन सिर्फ एक सरकारी शिविर नहीं, बल्कि आम जनता के दुखों को दूर करने का एक सच्चा और असरदार माध्यम बन चुका है।

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