छत्तीसगढ़

सुशासन पहल : मानपुरपहाड़ी में महिला सशक्तीकरण और स्वरोजगार का नया सवेरा

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के अंतर्गत ग्राम मानपुरपहाड़ी में आयोजित हालिया जनसमस्या निवारण शिविर (सुशासन तिहार-2026) ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता का माध्यम बना है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाना और महिला स्व-सहायता समूहों को उद्यमिता से जोड़ना रहा।

प्रमुख उपलब्धियाँ और वित्तीय सहायता

शिविर के दौरान स्थानीय महिला समूहों को उनके व्यवसाय शुरू करने और विस्तार देने के लिए महत्वपूर्ण बैंक ऋण प्रदान किए गए:

किराना और निर्माण क्षेत्र में कदम: ग्राम सिंगारपुर के ‘जय मां बमलेश्वरी समूह’ को 3 लाख रुपये का ऋण आवंटित किया गया। इस पूंजी का उपयोग समूह की सदस्य ईंट निर्माण इकाई स्थापित करने और किराना दुकान के संचालन के लिए करेंगी।

जनजातीय समूहों को प्रोत्साहन: तुमड़ादाह गाँव के बैगा जनजाति की महिलाओं द्वारा संचालित ‘जय मां नर्मदा समूह’ को भी 3 लाख रुपये की सहायता दी गई। यह समूह अब सेंटरिंग प्लेट्स और पारंपरिक छिन झाड़ू निर्माण जैसे कार्यों के जरिए अपनी आय बढ़ाएगा।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

लाभान्वित महिलाओं ने साझा किया कि पहले वित्तीय संसाधनों और ऋण प्रक्रिया की जटिलता के कारण वे अपना काम शुरू करने में असमर्थ थीं। अब, सीधे शिविर के माध्यम से मिली सहायता ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है।

“शासन की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को केवल गृहणी से उद्यमी बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। ‘बिहान योजना’ के तहत हमारा लक्ष्य हर समूह को स्वरोजगार के स्थायी साधनों से जोड़ना है।”
— प्रशासनिक अधिकारी

सुशासन तिहार जैसे आयोजन यह सिद्ध करते हैं कि जब प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम होती है, तो विकास की धारा अंतिम व्यक्ति तक पहुँचती है। इन प्रयासों से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है, बल्कि महिलाएं भी परिवार के भरण-पोषण में बराबर की भागीदार बन रही हैं।

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