सुशासन तिहार के जरिए ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निपटारा

सुकमा। छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार 2026 अभियान के अंतर्गत सुकमा जिले में प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम होती नजर आ रही है। गुरुवार को गीदम और देवी चौक में आयोजित विशेष शिविरों में जिला प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए ग्रामीणों की शिकायतों और जरूरतों का तत्काल समाधान किया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को सीधे जनता के दरवाजे तक पहुंचाना है।
तत्काल समाधान से जनता को मिली राहत
शिविर की सबसे खास बात यह रही कि आवेदकों को अपने काम के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़े। प्रशासन ने ‘एक ही छत के नीचे’ कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कीं:
राजस्व सेवाएं: किसानों को बी-1 दस्तावेज दिए गए। साथ ही नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे लंबित मामलों का त्वरित निपटारा हुआ।
दस्तावेजीकरण: स्कूली छात्र-छात्राओं को जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए।
कल्याणकारी योजनाएं: पात्र नागरिकों के राशन कार्ड और श्रम कार्ड मौके पर ही बनाकर सौंपे गए।
पंजीकरण: जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया भी आयोजन स्थल पर ही पूरी की गई।
महिला एवं बाल विकास पर विशेष ध्यान
शिविर में सामाजिक सरोकारों की भी झलक देखने को मिली। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोदभराई और अन्नप्राशन जैसे संस्कार संपन्न कराए गए। इसके अलावा, महतारी वंदन योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए 65 महिला लाभार्थियों का ई-केवाईसी (e-KYC) कार्य मौके पर ही पूरा किया गया।
जनविश्वास और सुशासन का संकल्प
जिला प्रशासन के अनुसार, इस अभियान का लक्ष्य शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है। गांव-गांव जाकर शिविर लगाने से न केवल लोगों की समस्याओं का समाधान हो रहा है, बल्कि सरकार के प्रति जनता का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
इस कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्री हुंगाराम मरकाम, जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती रीना पेद्दी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासनिक स्तर पर डिप्टी कलेक्टर सुश्री मधु तेता और मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री विनीत साव ने टीम का नेतृत्व किया।
















