छत्तीसगढ़ में सरकारी भूमि आवंटन प्रक्रिया तेज : राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की अध्यक्षता में 12 बड़े प्रस्तावों पर मंथन

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में सामाजिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक विकास को गति देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। विभिन्न सार्वजनिक परियोजनाओं, शैक्षणिक संस्थानों, सहकारी बैंकों और सामाजिक संगठनों को सरकारी जमीन आवंटित करने के मामलों के तेजी से निपटारे के लिए मंत्रालय (महानदी भवन) में एक उच्च स्तरीय अंतरविभागीय समिति की बैठक आयोजित की गई।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पारदर्शिता और नियमों के पालन को सरकार की मुख्य प्राथमिकता बताया गया।
बैठक के मुख्य बिंदु और निर्णय:
12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार: बैठक के दौरान कुल 12 प्रमुख मामलों की समीक्षा की गई। इनमें मुख्य रूप से स्कूलों, सामाजिक भवनों, बैंक शाखाओं, ऑडिटोरियम और आवासीय परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव शामिल हैं।
जमीनी स्तर पर समीक्षा: रायपुर, धमतरी, कवर्धा और जगदलपुर जैसे कई जिलों से मिले आवेदनों का बारीकी से मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों ने विभागीय जांच रिपोर्ट, अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और ऑडिट दस्तावेजों की गहन जांच की, जिसके आधार पर जल्द ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश: राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव, शम्मी आबिदी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सभी कानूनी और तथ्यात्मक प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करें, ताकि जनहित से जुड़े मामलों का निपटारा बिना किसी देरी के हो सके।
पारदर्शी विकास पर सरकार का जोर
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी भूमि का सही, नियम सम्मत और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि हर प्रस्ताव का कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय आधार पर कड़ा परीक्षण किया जा रहा है।
इस पहल से प्रदेश में शिक्षा, बैंकिंग और सामाजिक बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
















