ओमान की खाड़ी में तनाव : अमेरिकी नौसेना ने ईरानी मालवाहक जहाज को कब्जे में लिया

नई दिल्ली (एजेंसी)। ओमान की खाड़ी में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उसकी नौसेना ने एक ईरानी व्यापारिक जहाज को सफलतापूर्वक रोककर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए तत्काल जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
अभियान का मुख्य विवरण
अमेरिकी सैन्य बयान के अनुसार, यह घटना 19 अप्रैल को अरब सागर में हुई। अमेरिकी बलों ने एक ईरानी ध्वज वाले मालवाहक जहाज को रोकने के लिए नौसैनिक नाकाबंदी का उपयोग किया, जो कथित तौर पर प्रतिबंधों का उल्लंघन कर एक ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था।
चेतावनी और कार्रवाई: अधिकारियों का दावा है कि जहाज के चालक दल को लगभग छह घंटे तक बार-बार चेतावनी दी गई।
सैन्य हस्तक्षेप: जब जहाज ने रुकने से इनकार कर दिया, तो अमेरिकी विध्वंसक पोत ‘स्पूरांस’ ने अपनी 5-इंच की एमके 45 तोप से जहाज के इंजन कक्ष पर गोलाबारी की।
वर्तमान स्थिति: हमले के कारण जहाज का संचालन तंत्र ठप हो गया, जिसके बाद अमेरिकी मरीन ने पोत पर धावा बोलकर उसे कब्जे में ले लिया।
अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी
वाशिंगटन ने 13 अप्रैल से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास के क्षेत्रों में सख्त नाकाबंदी लागू कर रखी है। यह जलमार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया की लगभग 20% तेल और गैस की आपूर्ति यहीं से होती है।
अमेरिका का रुख: अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वे केवल ईरानी व्यापार को लक्षित कर रहे हैं। गैर-ईरानी जहाजों को आने-जाने की अनुमति है, बशर्ते वे ईरान को किसी भी प्रकार का शुल्क न दें।
ईरान की जवाबी चेतावनी
ईरानी सैन्य कमान (खातम अल-अनबिया) ने इस कार्रवाई को “सशस्त्र डकैती” करार दिया है। ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेना इस जब्ती का जवाब देने के लिए तैयार है और जल्द ही जवाबी कदम उठाएगी।
अब तक, ईरान ने आधिकारिक तौर पर कोई नया समुद्री शुल्क लागू नहीं किया है, लेकिन इस तरह की योजनाओं पर चर्चा ने ही इस ताजा संघर्ष को जन्म दिया है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं।
















