शहर को मिली नई सौगात, 60 परिवारों के लिए खुले स्वरोजगार के द्वार

कवर्धा। शहर के नियोजित विकास और स्थानीय छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाने की दिशा में नगर पालिका परिषद ने एक बड़ा कदम उठाया है। वन विभाग कार्यालय के समक्ष 64.34 लाख रुपये की लागत से एक आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त चौपाटी का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। इस नई पहल के माध्यम से शहर के 60 स्ट्रीट वेंडर्स (फुटपाथ विक्रेताओं) को न केवल स्थायी जगह मिली है, बल्कि उनके परिवारों के लिए नियमित आय का जरिया भी सुनिश्चित हुआ है।
पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ आवंटन
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और कवर्धा विधायक विजय शर्मा की मंशा के अनुरूप, छोटे व्यापारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल देना प्राथमिकता रही है। आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष रखने के लिए लॉटरी पद्धति का सहारा लिया गया, जिससे बिना किसी भेदभाव के सभी पात्र विक्रेताओं को दुकानें आवंटित की गईं।
चौपाटी की प्रमुख विशेषताएं
इस नए फूड हब को न केवल व्यापारियों बल्कि ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है:
बुनियादी सुविधाएं: यहाँ स्वच्छता, शुद्ध पेयजल और प्रकाश की आधुनिक व्यवस्था की गई है।
यातायात में सुधार: सड़कों के किनारे लगने वाले ठेले अब एक व्यवस्थित स्थान पर होंगे, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होगी।
पर्यटन और स्वाद: शहरवासियों को अब एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का स्वाद मिल सकेगा।
स्थायी आजीविका: घुमंतू विक्रेताओं को अब बेदखली का डर नहीं रहेगा, जिससे उनका व्यवसाय और बेहतर होगा।
“नगर पालिका का लक्ष्य शहर को सुंदर बनाने के साथ-साथ अंतिम व्यक्ति को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करना है। यह चौपाटी कवर्धा के लिए एक नया ‘फूड हब’ साबित होगी।”
— चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद
इस पहल से स्थानीय विक्रेताओं में भारी उत्साह है। उनका मानना है कि इस व्यवस्थित कदम से न केवल उनके काम करने के तरीके में बदलाव आएगा, बल्कि ग्राहकों की संख्या बढ़ने से उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।
















