मध्यप्रदेश

हरदा समीक्षा बैठक : सीएम मोहन यादव की सख्त कार्रवाई, लापरवाह जिला संयोजक निलंबित और लंबित शिकायतों पर दिए कड़े निर्देश

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को हरदा जिले में ‘समाधान ऑनलाइन’ के माध्यम से विभिन्न जनसमस्याओं के निराकरण की उच्च-स्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कई आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को ज़मीनी स्तर पर त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: जिला संयोजक निलंबित

समीक्षा के दौरान कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में अनावश्यक देरी और शिकायतों के प्रति उदासीनता बरतने का गंभीर मामला सामने आया। आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत रसोई का कार्य करने वाली एक महिला कर्मचारी का मानदेय पिछले दस महीने से अधिक समय से लंबित था। इस संबंध में संतोषजनक जवाब न दे पाने पर मुख्यमंत्री ने आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक प्रमोद माथुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की कोताही सहन नहीं की जाएगी।

विद्युत और कृषि संबंधी शिकायतों का त्वरित समाधान

मुख्यमंत्री ने संदीप गौर की कृषि यंत्र सब्सिडी से जुड़ी समस्या और सतीश उइके के बिजली बिल से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। बिजली बिल की शिकायतों में देरी पर गहरी नाराजगी जताते हुए उन्होंने महाप्रबंधक विद्युत विभाग को मीटरों के रैंडम सैंपल लेकर स्थिति की जांच करने और समस्याओं का तुरंत समाधान सुनिश्चित करने के आदेश दिए। इसके अलावा, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तय समय में काम न करने वाले अधिकारियों पर अर्थदंड लगाने के भी निर्देश दिए गए।

पुलिस और अन्य विभागों की लंबित शिकायतों की समीक्षा

पुलिस विभाग: 100 दिन से अधिक समय से लंबित 27 मामलों पर कड़ी अप्रसन्नता जताते हुए पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से इनकी समीक्षा करने और प्राथमिकता से निराकरण के निर्देश दिए गए।

अन्य विभाग: कृषि, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, राजस्व और गृह विभागों से जुड़ी पुरानी शिकायतों के मामलों में भी संवेदनशीलता के साथ त्वरित राहत देने पर जोर दिया गया।

हरदा को आदर्श जिला बनाने और विकास कार्यों पर जोर

विभागीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि हरदा एक छोटा जिला है, जिसे सभी के सहयाेग से एक आदर्श जिला बनाया जा सकता है। उन्होंने नर्मदा परिक्रमा पथ के शीघ्र विकास, जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के निर्देश दिए। इस दौरान वरिष्ठ जनों ने नाभि कुण्डल के विकास और ओपन स्टेडियम बनाने संबंधी बहुमूल्य सुझाव भी दिए।

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