सह-पायलट के हमले के बाद बचाई थी 174 यात्रियों की जान: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इज़राइल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान

तेल अवीव (एजेंसी)। इज़राइल सरकार ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को देश के सर्वोच्च नागरिक वीरता पुरस्कार (प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ ऑनर) से सम्मानित करने का फैसला किया है। इज़राइल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने गुरुवार को इस संबंध में घोषणा करते हुए कहा कि कैप्टन मच्छार की अदम्य सूझबूझ और तत्परता की वजह से एक बहुत बड़ा विमान हादसा टल गया।
यह पूरी घटना 30 सितंबर की है, जब ‘फ्लाईदुबई’ (Flydubai) का विमान FZ1073 दुबई से तेल अवीव की ओर उड़ान भर रहा था। इस दौरान कॉकपिट के भीतर मौजूद सह-पायलट (Co-pilot) ने अचानक कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से चोटिल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का आपातकालीन दरवाजा खोलने में सफल रहे। उनके इस कदम की वजह से केबिन क्रू और यात्री तुरंत कॉकपिट में दाखिल हो सके और हमलावर सह-पायलट को दबोच लिया गया।
हवा में गहराया संकट, तबुक में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
हमले के वक्त विमान तेजी से नीचे की तरफ झुकने लगा था, लेकिन यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मदद से हालात पर काबू पाया गया। इसके बाद अन्य क्रू पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और उसे सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर आपात स्थिति में लैंड कराया। इस साहसिक कदम से विमान में सवार सभी 174 लोगों की जान सुरक्षित बच सकी।
सहायता करने वाले 6 यात्रियों को भी मिलेगा सम्मान
इज़राइली राष्ट्रपति ने बताया कि संकट की इस घड़ी में साहस दिखाने वाले छह यात्रियों—ताली मानेस, ज्विका मानेस, यानिव हयौन, डॉ. शोता मुसायेव, आसफ राजुआन और ओर पारडिलोव को भी वीरता पुरस्कार दिया जाएगा। ताली मानेस ने सबसे पहले कॉकपिट की अनहोनी को भांपकर दूसरों को चेतावनी दी थी, जबकि डॉ. शोता मुसायेव ने जख्मी कैप्टन मच्छार को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की थी।
पीएम नेतन्याहू ने की फोन पर बात
इससे पहले इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अस्पताल में भर्ती कैप्टन मच्छार से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना। नेतन्याहू ने उन्हें भारत और इज़राइल दोनों के लिए एक “सच्चा हीरो” बताया और ठीक होने के बाद इज़राइल आने का न्योता दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 14 मई को इज़राइल के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कैप्टन मच्छार और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित करने पर विचार किया जा रहा है।
अबू धाबी में चल रहा इलाज, जांच जारी
के तुरंत बाद कैप्टन स्मित का इलाज सऊदी अरब में किया गया था, जिसके बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए अबू धाबी के अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहाँ वे अब स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उधर, उड्डयन एजेंसियां सह-पायलट द्वारा किए गए हमले के कारणों और सुरक्षा खामियों की गहन जांच में जुटी हुई हैं।
















