छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश, मंत्री लखन लाल देवांगन ने विभागीय समीक्षा बैठक में दिए कड़े आदेश

श्रमिक कल्याण योजनाओं का त्वरित और पारदर्शी लाभ सुनिश्चित करने पर बल
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने श्रम विभाग के कामकाज और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए कि ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया के अंतर्गत किसी भी पात्र श्रमिक का आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए, ताकि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।

मुख्य निर्देश एवं महत्वपूर्ण बिंदु

67 जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन: राज्य में संगठित, असंगठित और निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न मंडलों के माध्यम से कुल 67 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मंत्री ने अधिकारियों को सुनिश्चित करने को कहा कि केवल पात्र हितग्राहियों को ही इनका लाभ मिले।

नियमों का पालन और कारखानों का निरीक्षण: श्रम अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे ठेकेदारों द्वारा पंजीकृत श्रमिकों की वास्तविक संख्या की जांच करें। साथ ही कारखानों का नियमित निरीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।

नई श्रम संहिताओं का अध्ययन: केंद्र सरकार द्वारा लागू की जा रही चार नई श्रम संहिताओं (Labor Codes) का गहन अध्ययन करने और नए जिलों के श्रम कार्यालयों में आवश्यक बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का तेजी से विस्तार करने के निर्देश दिए गए।

लापरवाही पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई: श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने अधिकारियों को चेताया कि यदि किसी अपात्र व्यक्ति को लाभ देने या योजना में अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो संबंधित जिले के श्रम अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे।

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना: 24 अगस्त को सम्मान समारोह

बैठक में जानकारी दी गई कि 24 अगस्त को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।

इस शैक्षणिक सत्र से योजना के तहत सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।

निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक राज्य के प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है, जिसका संपूर्ण खर्च श्रम विभाग उठाता है।

प्रमुख योजनाओं की जिलेवार समीक्षा

समीक्षा बैठक के दौरान मिनी माता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, ई-रिक्शा सहायता योजना और बस्तर मुन्ने पोर्टल (नियद नेल्ला नार 2.0) जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया।

इस अवसर पर अपर श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े, श्रीमती सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल के सचिव गिरीश रामटेके सहित प्रदेशभर के मैदानी श्रम अधिकारी उपस्थित रहे।

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