छत्तीसगढ़

महतारी वंदन योजना : छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए बनी संबल, मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर में जाना जमीनी हाल

बलौदबाजार। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ प्रदेश की महिलाओं के जीवन को एक नई दिशा दे रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उनके बच्चों के बेहतर कल की नींव भी रख रही है। हाल ही में सुशासन तिहार के मौके पर बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में एक विशेष ‘समाधान शिविर’ का आयोजन किया गया, जहाँ सूबे के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सीधे आम जनता और योजना के लाभार्थियों से बातचीत की।

बेटियों की पढ़ाई और बचत को मिला नया आधार

शिविर के दौरान मुख्यमंत्री ने कई महिला लाभार्थियों से मुलाकात कर उनके अनुभव सुने। बातचीत के दौरान कुछ अहम बातें सामने आईं:

रुखमनी पाल की कहानी: करहीबाजार की निवासी रुखमनी पाल ने बताया कि उनके पति मजदूरी करते हैं, जिससे घर का खर्च बमुश्किल चल पाता था। लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि को वह अपनी दोनों बेटियों के सुनहरे भविष्य के लिए बचाकर रख रही हैं। इस मदद से बच्चों की शिक्षा और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में काफी आसानी हो गई है।

धनमता पाल का अनुभव: एक अन्य लाभार्थी धनमता पाल ने साझा किया कि हर महीने मिलने वाले ₹1,000 उनके परिवार के लिए बड़ी राहत बनकर आए हैं। उनके पति भी मजदूरी का काम करते हैं। धनमता इस राशि को अपने दो बच्चों के नाम पर बैंक में जमा कर रही हैं ताकि भविष्य में उनकी पढ़ाई-लिखाई में पैसों की कोई कमी न आए।

चिंताएं हुईं दूर, बढ़ा महिलाओं का आत्मविश्वास

“पहले घर की छोटी-मोटी जरूरतों के लिए भी हमेशा पैसों की फिक्र लगी रहती थी। मगर अब सरकार की इस मासिक सहायता ने हमारी बड़ी चिंता दूर कर दी है।”
— धनमता पाल, लाभार्थी

योजना का लाभ ले रही महिलाओं का कहना है कि इस पहल ने उनके भीतर एक नया हौसला जगाया है। अब वे न सिर्फ अपने खर्च संभाल पा रही हैं, बल्कि भविष्य के लिए बचत करना भी सीख रही हैं।

सरकार का जताया आभार

शिविर के समापन पर सभी लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार का दिल से धन्यवाद किया। महिलाओं ने एक सुर में कहा कि महतारी वंदन योजना उनके लिए समाज में सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और स्वावलंबन का एक मजबूत जरिया साबित हो रही है।

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