प्रोजेक्ट ‘सहारा’ : रायपुर में दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण, मुख्यमंत्री साय ने इंडोर स्टेडियम के लिए की 7 करोड़ की घोषणा

रायपुर। राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘प्रोजेक्ट सहारा’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। कार्यक्रम में 1,000 से अधिक दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड, कृत्रिम अंग और वैशाखी जैसे आधुनिक उपकरण वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संवेदनशील राज्य का दायित्व है कि वह हर नागरिक को बराबरी का अधिकार और सम्मान दे। उन्होंने दिव्यांगजनों को नया दृष्टिकोण देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ सरकार भी दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रमुख घोषणाएं एवं नवाचार
इंडोर स्टेडियम का जीर्णोद्धार: मुख्यमंत्री ने स्टेडियम के सौंदर्यीकरण और मरम्मत कार्य के लिए 7 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने का ऐलान किया।
विशेष स्क्रीनिंग अभियान: रायपुर जिले में चलाए गए अभियान के जरिए 1,600 से अधिक दिव्यांगजनों की पहचान की गई, जिसके लिए केंद्र सरकार से 3.58 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। प्रोजेक्ट ‘सहारा’ से कुल 1,739 हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं।
नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत: कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘प्रोजेक्ट सरल’ और ‘प्रोजेक्ट गोल्डन आवर’ का शुभारंभ किया, साथ ही रायपुर जिला प्रशासन की कॉफी टेबल बुक “नवाचार से प्रगति पथ पर अग्रसर रायपुर” का विमोचन भी किया।
डिजिटल सेवाएं और सुशासन का विस्तार
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि:
महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं के खातों में अब तक 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है।
नागरिकों को त्वरित सुविधाएं देने के लिए ‘सेवा सेतु’ ऐप (36 विभागों की 500+ सेवाएं) और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
कार्यक्रम में उपस्थित राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा और तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने भी दिव्यांगजनों के कौशल विकास और सामाजिक समावेशन पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान लगाए गए विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
















