रायपुर ज्वेलर्स सेंधमारी मामला : 72 घंटे में 2 महिलाओं समेत 5 शातिर गिरफ्तार, 7.5 लाख का सामान जब्त

रायपुर। रायपुर के टिकरापारा स्थित रावतपुरा कॉलोनी में ‘श्री गुरू ज्वेलर्स’ की दीवार ढहाकर हुई बड़ी चोरी की गुत्थी को पुलिस ने महज तीन दिनों में सुलझा लिया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और टिकरापारा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो महिलाओं समेत कुल पांच आरोपियों को पकड़ा गया है। आरोपियों के पास से 2 किलो चांदी, सोने का लॉकेट, वारदात में इस्तेमाल 2 दोपहिया वाहन और 5 मोबाइल जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 7.50 लाख रुपये है।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से मिला सुराग
निमाई डोन्डा ने 10 अगस्त 2026 की सुबह दुकान की दीवार टूटी देखी और जेवर गायब मिलने पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने BNS की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित 10 से अधिक विशेष टीमों ने घटनास्थल का मुआयना किया और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
सख्ती से पूछताछ में टूटी महिला आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को पुरानी बस्ती की आकांक्षा सोनी पर संदेह हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर शुरुआत में गुमराह करने वाली आकांक्षा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों—उषा उर्फ सपना खुंटे, लोकेश राव, एम. मोहन राव और मिराज आलम को भी धर दबोचा।
रेकी कर बनाई थी चोरी की योजना
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि लोकेश राव और एम. मोहन राव ने दुकान की रेकी कर मास्टरप्लांट तैयार किया था। योजना में लोकेश की पत्नी उषा, आकांक्षा और मिराज को शामिल किया गया। घटना की रात मोहन और मिराज ने दीवार तोड़कर चोरी को अंजाम दिया, जबकि लोकेश बाहर निगरानी रख रहा था। वारदात के बाद सभी ने माल आपस में बांट लिया था।
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार आरोपियों में एम. मोहन राव एक आदतन अपराधी है, जो दुर्ग जीआरपी में दर्ज हत्या के 4 और चोरी के 1 मामले में जेल जा चुका है तथा 10 साल की सजा भी काट चुका है। इसके अलावा, लोकेश राव पर एनडीपीएस व आबकारी अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं और उसकी पत्नी उषा भी पूर्व में टिकरापारा थाने से जेल जा चुकी है।
















