मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में शहरी विकास : ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य के साथ भविष्य की नगर योजना तैयार

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के शहरी ढांचे को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण साझा किया है। मंत्रालय में आयोजित मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (MPUDC) के संचालक मंडल की 11वीं बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य की सभी शहरी विकास परियोजनाओं को प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत @2047’ के विजन से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नगरों का विकास केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित न रहकर, उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और तकनीक के समावेश पर केंद्रित होना चाहिए।

प्रमुख निर्णय और नई पहलें

बैठक में राज्य के शहरी विकास को नई गति देने के लिए कंपनी के भीतर 4 स्वतंत्र व्यावसायिक प्रभागों के गठन को मंजूरी दी गई है:

परिसंपत्ति प्रबंधन और पीपीपी प्रभाग: इसका उद्देश्य नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से स्वावलंबी बनाना है। इसमें निजी निवेश (Private Investment) को बढ़ावा देने, सोलर प्रोजेक्ट्स, ग्रीन बॉन्ड और मेट्रोपोलिटन प्लानिंग जैसे नवाचारों पर काम किया जाएगा।

सूचना प्रौद्योगिकी प्रभाग: ई-नगर पालिका, सीसीटीवी निगरानी और जीआईएस आधारित सिस्टम के माध्यम से नागरिक सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा।

शहरी गतिशीलता (Urban Mobility): ईवी (Electric Vehicle) पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू करना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना, रोपवे और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित करना इसकी प्राथमिकता होगी।

नमामि नर्मदे और पर्यावरण संरक्षण: नदियों के संरक्षण के लिए एक समर्पित प्रभाग बनाया गया है।

‘नमामि नर्मदे’ परियोजना: पर्यावरण और आस्था का संगम

मुख्यमंत्री ने ‘नमामि गंगे’ की तर्ज पर ‘नमामि नर्मदे परियोजना’ को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नर्मदा और ताप्ती नदियों के सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए उनके किनारों पर बसे शहरों में:

ठोस और तरल अपशिष्ट (Waste Management) का प्रभावी प्रबंधन हो।

उपचारित जल (Treated Water) का पुन: उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

नदी संरक्षण के लिए नगरीय विकास, वन, उद्योग और ग्रामीण विभाग मिलकर काम करें।

नियोजित विकास और जनसुविधाएं

डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरों के आसपास के क्षेत्रों का विकास अनियोजित न हो, इसके लिए समय रहते मास्टर प्लान तैयार किए जाएं। साथ ही, सभी नगरीय निकायों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति और बेहतर सीवरेज सिस्टम सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इस उच्च स्तरीय बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिन्होंने कंपनी के वित्तीय और प्रबंधकीय विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button