सुप्रीम कोर्ट से सिपाही भर्ती के उम्मीदवारों को राहत : राज्य सरकार की याचिका खारिज, 400 से अधिक पदों पर जल्द होगी नियुक्ति

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आरक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर जारी लंबे समय का कानूनी विवाद खत्म हो गया है। सर्वोच्च अदालत ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए राज्य शासन की ओर से प्रस्तुत विशेष अनुमति याचिका (SLP) को निरस्त कर दिया है। शीर्ष अदालत के इस रुख के बाद प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) में शामिल 400 से ज्यादा योग्य अभ्यर्थियों का पुलिस विभाग में पदभार ग्रहण करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
90 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूर्ण करने के आदेश
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मामले पर विचार-विमर्श के बाद पूर्व में आए फैसले को बरकरार रखा और शासन की याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही पीठ ने संबंधित विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी चयनित एवं पात्र उम्मीदवारों को आगामी 3 महीने (90 दिन) के भीतर नियुक्ति पत्र जारी कर प्रक्रिया संपन्न की जाए।
चयनितों की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा समाप्त
भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थी कानूनी पेचों के कारण अपनी जॉइनिंग का इंतजार कर रहे थे। याचिका खारिज होने की खबर आते ही अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। अब गृह विभाग को तय समय सीमा के भीतर दस्तावेज सत्यापन और आगे की आधिकारिक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
















