छत्तीसगढ़ में बनेगा चावल आधारित फूड प्रोसेसिंग हब : बृजमोहन अग्रवाल ने चिराग पासवान को सौंपा प्रस्ताव

चावल से बनेंगे वैल्यू-एडेड उत्पाद, वैश्विक बाजार पर नजर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पैदा होने वाले धान को केवल पारंपरिक चावल तक सीमित न रखकर, उससे कई तरह के मूल्यवर्धित (वैल्यू-एडेड) खाद्य उत्पाद तैयार करने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हुई है। रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से भेंट की और राज्य में चावल पर आधारित वृहद ‘फूड प्रोसेसिंग हब’ स्थापित करने का विस्तृत सुझाव दिया।
भाटापारा का पोहा उद्योग बनेगा आधुनिक प्रोसेसिंग का केंद्र
सांसद अग्रवाल ने विशेष रूप से भाटापारा के प्रसिद्ध पोहा उद्योग का जिक्र करते हुए इसे आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि राज्य में निम्नलिखित उत्पादों के प्रसंस्करण के लिए आधुनिक इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं:
पोहा और मुरमुरा (लाया)
रेडी-टू-ईट (RTE) खाद्य सामग्री
चावल का आटा (Rice Flour)
चावल से बनने वाले विविध स्नैक्स
मुख्य उद्देश्य: धान का अधिकतम वैल्यू एडिशन राज्य के भीतर ही हो, जिससे स्थानीय किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिले, नए उद्यमियों को प्रोत्साहन मिले और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
केंद्रीय मंत्री की सकारात्मक प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस प्रस्ताव की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार/सांसद को इस परियोजना की एक विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार कर पेश करने का सुझाव दिया है। अग्रवाल ने आश्वस्त किया कि इस योजना में किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने, निर्यात (Export) बढ़ाने, और आधुनिक पैकेजिंग-ब्रांडिंग के सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी चर्चा: शेखावत को स्वदेशी मेले का न्योता
इसी दिल्ली प्रवास के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भी शिष्टाचार मुलाकात की। उन्होंने मंत्री शेखावत को छत्तीसगढ़ में आयोजित होने जा रहे आगामी स्वदेशी मेले में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
















