हेल्थ

पुरुषों में हृदय रोगों का बढ़ता जोखिम : कारण और शारीरिक अंतर

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। आजकल कम उम्र में ही दिल से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेष रूप से पुरुषों में कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक का खतरा महिलाओं की तुलना में अधिक देखा जा रहा है। खराब जीवनशैली के अलावा दोनों के शरीर की जैविक संरचना (Biological Structure) में अंतर भी इसकी मुख्य वजह है।

जैविक अंतर का प्रभाव

पुरुषों का दिल आकार में महिलाओं से बड़ा होता है और उनकी रक्त वाहिकाएं व चैंबर भी अलग होते हैं। तनाव के समय महिलाओं की पल्स रेट बढ़ती है, जबकि पुरुषों में तनाव के दौरान दिल की धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।

पुरुषों में दिल की बीमारियों के मुख्य कारण:

धमनियों में प्लाक जमना (कोलेस्ट्रॉल): पुरुषों की मुख्य धमनियों में कोलेस्ट्रॉल प्लाक तेजी से बनता है, जिससे हृदय तक रक्त का प्रवाह बाधित होता है और कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

शारीरिक निष्क्रियता (सैटिस्फेक्ट्री लाइफस्टाइल): ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण पुरुषों में हार्ट अटैक का जोखिम अधिक होता है।

सिस्टोलिक हाई ब्लड प्रेशर: कम उम्र की महिलाओं की तुलना में युवा पुरुषों में सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर अधिक पाया जाता है, जो आगे चलकर हाइपरटेंशन और स्ट्रोक का कारण बनता है।

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का गिरता स्तर: यह हार्मोन मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखने और शुगर, बीपी व बैड कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है। टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने पर दिल की बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है।

धूम्रपान और शराब का अत्यधिक सेवन: पुरुषों में धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन अधिक देखा जाता है, जो सीधे तौर पर धमनियों को नुकसान पहुंचाकर दिल के दौरों का कारण बनता है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button