सड़क हादसे में दुकानदार की मौत : ट्रिब्यूनल का इंश्योरेंस कंपनी को ₹27.60 लाख मुआवजा देने का आदेश

रायपुर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने एक सड़क हादसे के मामले में फैसला सुनाते हुए पीड़ित परिवार के पक्ष में 27.60 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा मंजूर किया है। अधिकरण के पीठासीन अधिकारी बलराम प्रसाद वर्मा की पीठ ने यह आदेश जारी किया।
तेज रफ्तार बाइक ने मारी थी टक्कर
घटना के अनुसार, 56 वर्षीय किराना व्यवसायी श्याम साधवानी अपनी पत्नी के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान शोभित ध्रुव नामक युवक ने अपनी मोटरसाइकिल को लापरवाही और तेज रफ्तार से चलाते हुए उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल साधवानी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
बिना वैध लाइसेंस के गाड़ी चला रहा था आरोपी
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि मृतक की वार्षिक आय उनके आयकर रिटर्न (ITR) के आधार पर तय की गई थी। मामले में यह तथ्य भी सामने आया कि दुर्घटना के समय आरोपी चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, जो बीमा नियमों का सीधा उल्लंघन है।
‘पे एंड रिकवर’ सिद्धांत के तहत मिलेगा भुगतान
अदालत ने तीसरे पक्ष (पीड़ित परिवार) के अधिकारों की रक्षा करते हुए ‘पे एंड रिकवर’ (Pay & Recover) का नियम लागू किया है। इसके तहत न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को पहले मुआवजे का भुगतान (ब्याज सहित) पीड़ित परिवार को करना होगा। इसके बाद कंपनी यह राशि वाहन चालक और मालिक से वसूल कर सकेगी।
मुआवजा राशि का वितरण:
पत्नी (चांदनी साधवानी): मुआवजे का मुख्य हिस्सा (जिसमें से एक बड़ी राशि एफडी/FD में जमा की जाएगी)।
पुत्र एवं पुत्री: ₹5-5 लाख रुपये प्रत्येक।
















