छत्तीसगढ़ में रसोइयों के मानदेय का संकट जल्द होगा खत्म, वित्त विभाग ने 117 करोड़ के फंड को दी हरी झंडी

रायपुर। राज्य में स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत काम करने वाले रसोइयों के मानदेय भुगतान में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के वास्ते 117 करोड़ रुपये के पुनर्विनियोजन (फंड री-एलोकेशन) को प्रशासकीय स्वीकृति दे दी है।
जारी आधिकारिक निर्देशों के मुताबिक, इस साल जुलाई से सभी केंद्र पोषित योजनाओं को एसएनए-स्पर्श (SNA-Sparsh) प्रणाली के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत, रसोइयों को मिलने वाली टॉप-अप राशि के लिए राज्य आयोजना मद में तय बजट को अब केंद्र प्रवर्तित योजना के राज्यांश मद में ट्रांसफर (पुनर्विनियोजित) कर दिया गया है।
नए वित्तीय आदेश के अनुसार, अलग-अलग बजट शीर्षों के तहत 102 करोड़, 10 करोड़ और 5 करोड़ रुपये के पुनर्विनियोजन का ब्योरा तय किया गया है। यह राशि पहले से ही बजट में तय प्रावधानों का हिस्सा है। साथ ही, शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस फंड का मदवार खर्च (हेड-वाइज एक्सपेंडिचर) का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाए, जिससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और समय पर पूरी हो सके।
















