विश्वकर्मा जयंती पर रायपुर में श्रमिक महासम्मेलन : सीएम साय ने 1.43 लाख से अधिक कामगारों के खातों में ट्रांसफर किए ₹51.32 करोड़, कीं 3 बड़ी घोषणाएं

रायपुर। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में एक भव्य राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के निर्माण में श्रमिकों के अमूल्य योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के श्रमवीर अपनी मेहनत और लगन से समृद्ध व विकसित छत्तीसगढ़ की नींव रख रहे हैं।
1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को ₹51.32 करोड़ से अधिक का सीधा लाभ
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित 26 कल्याणकारी योजनाओं के तहत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 1,43,000 से अधिक पंजीकृत श्रमिकों के बैंक खातों में ₹51 करोड़ 32 लाख से अधिक की सहायता राशि सीधे अंतरित की। इसके अतिरिक्त, विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सामग्री एवं चेक प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में श्रम विभाग के 3 प्रमुख मंडलों द्वारा श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा, और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कुल 67 योजनाएं चलाई जा रही हैं। बीते ढाई वर्षों में सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों तक पहुंचाई है।
श्रमिक हित में मुख्यमंत्री की 3 बड़ी घोषणाएं:
आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र: रोजगार की तलाश में शहरों में जुटने वाले मजदूरों के लिए सर्वसुविधायुक्त शेड/केंद्र बनाए जाएंगे, जहां स्वच्छ पेयजल, बैठने की जगह, मोबाइल चार्जिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
ई-बाइक सहायता योजना: दूर-दराज से काम पर जाने वाले पंजीकृत श्रमिकों के आवागमन को आसान और किफायती बनाने के लिए नई ई-बाइक योजना शुरू करने का ऐलान किया गया।
ई-रिक्शा अनुदान में बढ़ोतरी: असंगठित क्षेत्र के पारंपरिक रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दिया गया है।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की मिसाल:
‘दीदी ई-रिक्शा योजना’: कार्यक्रम में CM साय ने 100 श्रमिक बहनों को ई-रिक्शा की चाबियां सौंपीं और उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने खुद लाभार्थी महिला के ई-रिक्शा में बैठकर सवारी भी की।
प्रतिभाशाली बेटी मनिंदर का सम्मान: JEE परीक्षा उत्तीर्ण कर NIT सूरत में प्रवेश पाने वाली श्रमिक परिवार की बेटी मनिंदर कौर को CM ने लैपटॉप और ₹1.75 लाख का चेक सौंपा। श्रम विभाग मनिंदर की इंजीनियरिंग पढ़ाई का पूरा खर्च वहन करेगा।
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना: योजना के तहत अब श्रमिक परिवारों के 200 मेधावी बच्चों (पहले 100) को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है।
श्रमिक बहनों के साथ मुख्यमंत्री ने किया भोजन:
कार्यक्रम के दौरान आत्मीयता की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विभिन्न जिलों से आई श्रमिक महिलाओं के साथ जमीन पर बैठकर दोपहर के भोजन में शामिल हुए। उन्होंने बहनों से उनके काम, परिवार और सरकारी योजनाओं के लाभ मिलने के अनुभवों पर आत्मीय चर्चा की।
डिजिटल तकनीक और ‘आशीर्वाद का दीया’:
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में नवीन उपकर कटौती वेबसाइट का शुभारंभ किया और QR कोड/PVC युक्त नया श्रमिक पहचान पत्र जारी किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक से योजनाओं में पारदर्शिता आई है।
विश्वकर्मा जयंती के साथ-साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर CM साय ने उपस्थित हजारों श्रमिकों के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री के दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना की।
अन्य अतिथियों के विचार:
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि DBT व्यवस्था से बिचौलियों का काम खत्म हुआ है और दीदी ई-रिक्शा योजना की अनुदान राशि बढ़ाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
कर्मकार कल्याण मंडल अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ की डिजिटल पहलों की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर भी हुई है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आने वाले समय में रोजगार मेलों का आयोजन कर लगभग 3,000 युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक, सांसद, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और प्रदेशभर से आए हजारों श्रमिक भाई-बहन उपस्थित रहे।
















