टॉप न्यूज़

आधिकारिक हुआ बदलाव : अब ‘केरल’ नहीं ‘केरलम’ के नाम से जाना जाएगा यह राज्य

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने एक बड़ा ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए दक्षिण भारतीय राज्य ‘केरल’ का नाम बदलकर आधिकारिक तौर पर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस बदलाव पर अंतिम मुहर लगाई गई।

मुख्य बिंदु और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इस परिवर्तन के पीछे के प्रमुख कारणों और प्रक्रिया को आप नीचे दिए गए बिंदुओं से समझ सकते हैं:

सांस्कृतिक पहचान: राज्य सरकार का तर्क है कि मलयालम भाषा में इस क्षेत्र को हमेशा से ‘केरलम’ ही कहा जाता रहा है। नाम में यह बदलाव राज्य की भाषाई और ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने की एक कोशिश है।

विधानसभा का संकल्प: केरल विधानसभा ने जून 2024 में सर्वसम्मति से इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया था। इससे पहले 2023 में भी ऐसा ही प्रयास किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से गृह मंत्रालय ने कुछ संशोधनों का सुझाव दिया था।

संविधान में संशोधन: अब तक संविधान की पहली अनुसूची में राज्य का नाम ‘केरल’ दर्ज था। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मांग की थी कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ किया जाए।

व्यापक प्रभाव: इस मंजूरी के बाद अब सभी सरकारी दस्तावेजों, मानचित्रों (Maps), और आधिकारिक पहचान पत्रों में नया नाम प्रभावी होगा।

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

माना जा रहा है कि अप्रैल-मई में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र का यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण है। स्थानीय भावनाओं और भाषाई गौरव से जुड़े इस मुद्दे को सुलझाकर केंद्र ने एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।

विशेष नोट: ‘केरलम’ शब्द की मांग राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन के समय से ही उठती रही है, जब मलयालम भाषी समुदायों को एक सूत्र में पिरोने के लिए ‘संयुक्त केरल’ का नारा बुलंद हुआ था।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button