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कांगो बुखार और इबोला का खतरा : माना रायपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा सख्त, तैनात होंगे नोडल अफसर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अतीत में महामारी की विभीषिका को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा वैश्विक स्तर पर फैल रहे इबोला वायरस को लेकर पूरी तरह चौकन्ना हो गया है। दुनिया के कई हिस्सों में पैर पसार रही इस जानलेवा बीमारी के मद्देनजर, छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य संचालनालय ने राज्य में संक्रमण के प्रवेश को रोकने के लिए कमर कस ली है और सभी संबंधित विभागों को सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं।

हवाई अड्डे पर बढ़ेगी चौकसी, संदिग्धों पर रहेगी पैनी नजर

नए दिशानिर्देशों के तहत स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट (माना, रायपुर) पर उतरने वाले मुसाफिरों की सघन जांच के आदेश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि स्क्रीनिंग के दौरान किसी भी यात्री में वायरस के शुरुआती लक्षण दिखते हैं, तो अविलंब इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी जाए। इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) ने रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को हवाई अड्डे पर तत्काल एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

नोडल अधिकारी संभालेंगे मॉनिटरिंग का जिम्मा, विदेशी यात्रियों पर फोकस

एयरपोर्ट पर तैनात होने वाले नोडल अफसर यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण और संदिग्ध मामलों की पहचान के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करेंगे। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों या विदेशों से कनेक्टिंग फ्लाइट्स के जरिए आने वाले नागरिकों की गहन निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही, आम जनता और कर्मचारियों के बीच इस बीमारी को लेकर जागरूकता फैलाने तथा सर्विलांस सिस्टम को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्यों खतरनाक है इबोला?

विशेषज्ञों की चेतावनी: इबोला एक अत्यंत घातक और संक्रामक रोग है। यह पीड़ित व्यक्ति के शारीरिक द्रव्यों (बॉडी फ्लूइड्स) के सीधे संपर्क में आने से तेजी से फैलता है। यही वजह है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक गंभीर पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी मान चुका है। वक्त रहते बरती गई यह सावधानी राज्य को किसी भी बड़े संकट से सुरक्षित रख सकती है।

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