मध्यप्रदेश

इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन : अब जमीन पर बनेगा मार्ग, किसानों के सुझावों पर लगी मुहर

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-उज्जैन क्षेत्र के विकास को लेकर एक बड़ा और संवेदनशील निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भविष्य की ‘मेट्रोपॉलिटन सिटी’ के रूप में उभर रहे इंदौर-उज्जैन के बीच बनने वाला ग्रीनफील्ड फोरलेन प्रोजेक्ट अब एलिवेटेड (पुलों वाला) होने के बजाय जमीनी स्तर पर तैयार किया जाएगा। यह बदलाव विशेष रूप से क्षेत्र के किसानों की मांग और उनके सुझावों को प्राथमिकता देते हुए किया गया है।

बुधवार शाम को मुख्यमंत्री आवास पर इंदौर और उज्जैन जिलों के विभिन्न गांवों से आए किसान प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी जमीन और हितों की रक्षा करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसके तकनीकी और आर्थिक पहलुओं पर भी प्रकाश डाला:

कुल लागत: लगभग 2,935.15 करोड़ रुपये का निवेश।

प्रभावित क्षेत्र: इस मार्ग के निर्माण से इंदौर और उज्जैन जिलों के 28 गांवों की रूपरेखा बदलेगी और वहां आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी।

प्रमुख जंक्शन: बेहतर कनेक्टिविटी के लिए वेस्टर्न रिंग रोड और उज्जैन-बदनावर मार्ग क्रॉसिंग पर विशाल जंक्शन बनाए जाएंगे।

सुरक्षा और गति: तेज और सुरक्षित यात्रा के लिए प्रत्येक टोल प्लाजा पर आधुनिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

सिंहस्थ और भविष्य की योजनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पुराने मार्ग पर बढ़ते यातायात और संकीर्ण रास्तों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर इस नए मार्ग से लगाम लगेगी।

“यह प्रोजेक्ट न केवल जानापाव जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा सुगम बनाएगा, बल्कि आगामी सिंहस्थ के दौरान आने वाली भारी जनसंख्या को भी बेहतर परिवहन सुविधा प्रदान करेगा।”
— मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

किसानों ने जताया आभार

किसानों की चिंताओं को समझते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि जिन किसानों की भूमि इस परियोजना के दायरे में आएगी, उन्हें शासन द्वारा उचित और पारदर्शी मुआवजा दिया जाएगा। इस निर्णय के बाद किसान प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। 20 फरवरी को अनुबंध निष्पादन (Contract Execution) के बाद अब इस प्रोजेक्ट के कार्यों में तेजी लाई जा रही है।

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