पूर्व सीएम बाबूलाल गौर का जन्म शताब्दी वर्ष भव्य तरीके से मनाएगी सरकार : डॉ. मोहन यादव

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर की जयंती के अवसर पर आयोजित एक भजन संध्या में पहुंचे। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर के निवास पर हुए इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘बाबूजी’ को याद करते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोविंदपुरा क्षेत्र की प्रगति के लिए राज्यमंत्री कृष्णा गौर के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृष्णा गौर पूरी कर्मठता के साथ बाबूजी के अधूरे सपनों और संकल्पों को धरातल पर उतार रही हैं।
अजेय जननेता थे बाबूलाल गौर
मुख्यमंत्री ने बाबूलाल गौर के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें जन-जन का नेता बताया। उन्होंने कहा कि गौर साहब का जनता से इतना गहरा जुड़ाव था कि आज भी लोग उन्हें अपने बेहद करीब महसूस करते हैं। उनके राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में लगातार 10 बार विधानसभा चुनाव जीतना अपने आप में एक मिसाल है। चुनावी उतार-चढ़ाव के बीच भी वे हमेशा ‘अजेय’ रहे। उन्होंने सरकार के कई अहम पदों पर रहते हुए अपनी प्रशासनिक क्षमता और कड़े अनुशासन की अमिट छाप छोड़ी, जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है।
3 साल बाद मनेगा जन्म शताब्दी वर्ष
अपने छात्र जीवन की यादें साझा करते हुए डॉ. यादव ने बताया कि वे और बाबूलाल गौर एक ही कॉलेज के छात्र रहे थे। उन्होंने गौर साहब के संवेदनशील और सरल स्वभाव की चर्चा करते हुए कहा कि वे न सिर्फ इंसानों बल्कि मूक पशु-पक्षियों से भी गहरा लगाव रखते थे।
मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के जन्म शताब्दी वर्ष में अब केवल 3 साल का समय बचा है। राज्य सरकार इस ऐतिहासिक अवसर को पूरे प्रदेश में बेहद गरिमामय और भव्य रूप में आयोजित करेगी।
भजनों के रंग में रंगे दिग्गज
इस श्रद्धांजलि सभा और भजन संध्या में शासन-प्रशासन की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के प्रमुख डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, विधायक भगवानदास सबनानी सहित श्री बारेलाल अहिरवार, श्री रविन्द्र यति और श्री सुमित पचौरी जैसे गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और भजनों का आनंद लिया।
















