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पाक-अफगान संघर्ष : रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बड़ा ऐलान, सीमा पर छिड़ी ‘आर-पार’ की जंग

इस्लामाबाद/काबुल (एजेंसी)। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब एक पूर्ण सैन्य संघर्ष में तब्दील हो गया है। शुक्रवार को पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के रणनीतिक केंद्रों—काबुल और कंधार—पर भीषण हवाई हमले किए। इन हमलों के तुरंत बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगान तालिबान के खिलाफ ‘खुली जंग’ (Open War) की घोषणा कर दी है, जिससे दक्षिण एशिया में सुरक्षा समीकरण पूरी तरह बिगड़ गए हैं।

सैन्य कार्रवाई का मुख्य घटनाक्रम

पाकिस्तान ने यह कदम तालिबान के उन दावों के बाद उठाया है जिसमें कहा गया था कि अफगान बलों ने पाकिस्तानी सीमा चौकियों को निशाना बनाया है। इस सैन्य अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए पाकिस्तान के मंत्रियों ने निम्नलिखित बयान दिए:

सूचना मंत्री अत्ताुल्लाह तरार: उन्होंने पुष्टि की कि पाकिस्तानी जेट विमानों ने काबुल और पकतिया प्रांत सहित कंधार में तालिबान के रक्षा ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया।

गृह मंत्री मोहसिन नकवी: उन्होंने इस कार्रवाई को तालिबान की ‘आक्रामकता’ का करारा और उचित जवाब करार दिया।

जमीनी हकीकत और तबाही का मंजर

काबुल और कंधार (जो तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबातुल्लाह अखुंदजदा का गढ़ है) में लगभग दो घंटों तक धमाकों और लड़ाकू विमानों की गर्जना सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूरा इलाका युद्ध क्षेत्र में तब्दील हो गया था।

हताहतों की स्थिति:

तालिबान का दावा: अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सीमा पर हुई जमीनी लड़ाई में उनके 8 सैनिक मारे गए हैं।

नागरिकों पर असर: तोर्खम बॉर्डर के पास शरणार्थी शिविरों पर मोर्टार गिरने से एक महिला सहित 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

मतभेद: पाकिस्तान का दावा है कि उनके ऑपरेशन में 80 से अधिक उग्रवादी ढेर हुए हैं, जबकि संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कम से कम 13 नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की है।

बिगड़ते रिश्तों की पृष्ठभूमि

दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच कड़वाहट नई नहीं है। पिछले साल अक्टूबर में हुई हिंसक झड़पों में 70 से अधिक लोगों की जान गई थी, जिसके बाद से सीमा पर व्यापार और आवाजाही लगभग ठप है। इसके अलावा, इस्लामिक स्टेट-खोरासान (IS-K) की सक्रियता ने आग में घी डालने का काम किया है। इस आतंकी समूह ने हाल ही में इस्लामाबाद और काबुल में हुए बड़े धमाकों की जिम्मेदारी ली थी, जिससे दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई और गहरी हो गई है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

बढ़ते तनाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) प्रमुख ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने दोनों पक्षों से अपील की है कि:

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का पालन करते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

सैन्य बल के बजाय कूटनीति और संवाद के जरिए विवादों का समाधान निकालें।

वर्तमान में सीमा पर स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं होते, तो यह टकराव एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

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