पाक-अफगान सीमा पर भीषण संग्राम : ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ से दहला काबुल

नई दिल्ली (एजेंसी)। दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्कों, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब युद्ध के मुहाने पर पहुँच गया है। सीमा पर जारी झड़पों ने अब एक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया है, जहाँ दोनों ओर से भारी गोलाबारी और हवाई हमले किए जा रहे हैं। हालिया घटनाक्रम में अफगानिस्तान द्वारा 55 पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर किए जाने के दावे के बाद, पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ शुरू किया है।
पाकिस्तान का पलटवार और भारी तबाही का दावा
पाकिस्तान ने बीती रात अफगानिस्तान की राजधानी काबुल सहित कंधार और पक्तिका जैसे प्रमुख इलाकों में भीषण एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के अनुसार:
इस ऑपरेशन में अब तक 130 से अधिक अफगान लड़ाके मारे गए हैं।
तालिबान शासन की 27 चौकियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।
पाकिस्तानी सेना ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 9 चौकियों पर नियंत्रण हासिल करने का दावा किया है।
सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए कई कोर मुख्यालय, गोला-बारूद डिपो और लगभग 80 सैन्य वाहनों (टैंक और बख्तरबंद गाड़ियाँ) को नष्ट करने की बात कही गई है।
अफगानिस्तान की कड़ी प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के दावों को चुनौती दी है। अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उन्होंने न केवल पाकिस्तानी विमानों को चुनौती दी, बल्कि सीमा पर जवाबी हमला कर दर्जनों हथियार भी जब्त किए हैं। तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद के मुताबिक, डूरंड लाइन पर स्थित पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाया जा रहा है और उन्होंने पाकिस्तान की 15 चौकियों पर कब्जा करने का दावा किया है।
तालिबान का बयान: “हमने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए लेजर गाइडेड हथियारों और विशेष इकाइयों को मोर्चे पर तैनात किया है। रात के अंधेरे में दुश्मन की हर हरकत का जवाब दिया जा रहा है।”
संघर्ष की जड़: क्यों भड़की यह आग?
इस ताजा हिंसा की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तान ने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमले किए थे, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत 13 नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके जवाब में अफगान बलों ने सीमा पार हमला किया, जिसमें पाकिस्तान को भारी सैन्य नुकसान उठाना पड़ा। इसी क्षति का बदला लेने के लिए पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ का आगाज किया।
‘गजब लिल हक’ का अर्थ
यह एक अरबी शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ है “न्याय या सत्य के लिए आक्रोश”। पाकिस्तान इस नाम के जरिए अपने हमलों को जायज ठहराने की कोशिश कर रहा है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई अब और गहरी हो गई है।
















