भाजपा के केंद्रीय संगठन में पीढ़ीगत बदलाव की आहट : युवाओं के हाथ में होगी कमान

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनियुक्त अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में संगठन के भीतर एक बड़े बदलाव की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस बार पार्टी का मुख्य ध्यान ‘युवा नेतृत्व’ और ‘भविष्य की भाजपा’ पर केंद्रित है। सूत्रों की मानें तो आगामी संगठनात्मक फेरबदल में 60 वर्ष से कम आयु के नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि नई ऊर्जा और आधुनिक दृष्टिकोण को पार्टी के कामकाज में शामिल किया जा सके।
युवाओं को तरजीह, अनुभव का सम्मान
पार्टी की नई रणनीति के तहत महासचिव और सचिव जैसे महत्वपूर्ण कार्यकारी पदों पर युवा चेहरों को आगे लाने की योजना है।
महासचिव और सचिव: इन पदों के लिए 60 वर्ष की आयु सीमा का मानक तय किया जा सकता है।
उपाध्यक्ष: वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं के अनुभव का लाभ लेने के लिए उपाध्यक्ष के पदों पर आयु सीमा में लचीलापन रखा जाएगा।
बदलाव का दायरा: वर्तमान राष्ट्रीय टीम के लगभग 60% पदाधिकारियों के बदले जाने की संभावना है, जिनमें कई राज्यों के उभरते हुए नेताओं को केंद्रीय टीम में स्थान मिल सकता है।
समावेशी संगठन और महिला भागीदारी
भाजपा अपने संविधान के अनुरूप संगठन में विविधता लाने पर भी जोर दे रही है:
आधी आबादी को हक: पार्टी की कोशिश है कि नई टीम में महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाए। पार्टी संविधान के अनुसार एक-तिहाई महिला पदाधिकारियों का लक्ष्य हासिल करना प्राथमिकता रहेगी।
सामाजिक संतुलन: नई टीम में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के साथ-साथ जातीय और सामाजिक समीकरणों का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि देश के हर वर्ग और कोने की आवाज संगठन में गूंजे।
कब होगी नई टीम की घोषणा?
हालांकि बदलाव की तैयारी जोरों पर है, लेकिन आधिकारिक सूची आने में अभी कुछ समय लग सकता है। संसद के चालू सत्र और आगामी चुनावी व्यस्तताओं के कारण, पार्टी नेतृत्व फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। यह पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी ताकि सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बना रहे।
















