ईरान के सर्वोच्च नेता की मृत्यु पर कश्मीर में उबाल : उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने जताई संवेदना

श्रीनगर (एजेंसी)। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबरों के बाद जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में तनाव और विरोध का माहौल देखा जा रहा है। घाटी के कई जिलों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित हुआ है।
सड़कों पर उतरा जनसैलाब
खामेनेई की मृत्यु की सूचना मिलते ही श्रीनगर, बडगाम और घाटी के अन्य शिया बहुल इलाकों में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
लाल चौक पर प्रदर्शन: रविवार को बड़ी संख्या में कश्मीरी शिया समुदाय के लोग श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर एकत्रित हुए और अपना विरोध दर्ज कराया।
यातायात व्यवस्था: विरोध प्रदर्शनों के कारण मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई, जिसके बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई जगहों पर रूट डायवर्ट किए हैं।
मुख्यमंत्री की शांति की अपील
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार:
“मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों से शांति और संयम बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने अपील की है कि लोग ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे क्षेत्र में अशांति पैदा हो।”
इसके साथ ही सरकार ईरान में रह रहे कश्मीरी छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इस घटना को इतिहास का एक “दुखद मोड़” बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इजरायल और अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ मुस्लिम देशों की चुप्पी और अप्रत्यक्ष समर्थन हैरान करने वाला है। उन्होंने ईरान की जनता के प्रति अपनी एकजुटता प्रकट की।
वहीं, उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने भी शोक व्यक्त करते हुए खामेनेई से जुड़ा एक वीडियो साझा किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
प्रशासनिक सतर्कता: हालांकि अब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे हैं, लेकिन प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
















