दुबई में फंसे जोधपुर के 120 श्रद्धालु : संकट के बीच सुरक्षित वापसी की गुहार

जोधपुर (एजेंसी)। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते मिसाइल हमलों और तनावपूर्ण हालातों ने जोधपुर के 120 परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है। सूरसागर बड़ा रामद्वारा से सत्संग और भ्रमण के उद्देश्य से दुबई गए श्रद्धालुओं का जत्था वहां बिगड़ते सुरक्षा हालातों के कारण फंस गया है। अब परिजन और स्थानीय नेता केंद्र सरकार से इन नागरिकों की सकुशल वतन वापसी के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
कैसे बिगड़े हालात?
यह जत्था 23 फरवरी को रामप्रसाद महाराज के सानिध्य में जोधपुर से रवाना हुआ था। इसमें मुख्य रूप से मंडोर और सूरसागर क्षेत्र के माली समाज के लोग शामिल हैं। घटनाक्रम कुछ इस प्रकार रहा:
अचानक आपातकाल: श्रद्धालु जब अबू धाबी में नवनिर्मित राम मंदिर के दर्शन कर रहे थे, तभी क्षेत्र में मिसाइल हमलों और आपातकाल की सूचना मिली।
उड़ानें रद्द: सुरक्षा कारणों से श्रद्धालुओं की निर्धारित फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया, जिससे वे एयरपोर्ट के बजाय वापस दुबई भेज दिए गए।
आर्थिक संकट: वर्तमान में सभी यात्री दुबई के मीना बाजार स्थित एक होटल में रुके हुए हैं। यात्रियों के पास नकदी खत्म हो रही है, जिससे उनके सामने खाने-पीने और ठहरने का संकट खड़ा हो गया है।
परिजनों की चिंता और राजनीतिक अपील
जोधपुर में बैठे परिजनों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों की खबरों से श्रद्धालु डरे हुए हैं। इस बीच, पूर्व जेडीए अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सोलंकी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से संपर्क किया है। उन्होंने मांग की है कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर भारतीय दूतावास के जरिए इन नागरिकों को जल्द से जल्द रेस्क्यू करें।
“हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा है। सरकार को चाहिए कि वह विशेष विमान या वैकल्पिक मार्गों के जरिए इन 120 श्रद्धालुओं को सुरक्षित जोधपुर लाने की व्यवस्था करे।”
















