साल का प्रथम चंद्र ग्रहण 2026 : समय, सूतक और आपकी राशि पर प्रभाव

नई दिल्ली (एजेंसी)। साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण कल, 3 मार्च को लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, यह खगोलीय घटना दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक चलेगी। चूँकि यह ग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा, इसलिए यहाँ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल प्रभावी रहेगा।
सूतक और धार्मिक महत्व
भारत में दृश्यता होने के कारण सूतक के नियमों का पालन किया जाएगा। आमतौर पर ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है, जिसके दौरान मंदिरों के पट बंद रहते हैं और शुभ कार्यों की मनाही होती है। ग्रहण समाप्त होने के पश्चात शुद्धिकरण के लिए गंगाजल का छिड़काव और दान-पुण्य की परंपरा है।
किन क्षेत्रों में दिखेगा असर?
यह ग्रहण मुख्य रूप से सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में घटित हो रहा है। भौगोलिक दृष्टि से यह भारत के पूर्वी राज्यों में स्पष्ट दिखेगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में आंशिक दृश्यता रहेगी। इसके अतिरिक्त ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और दक्षिण-पूर्वी एशिया के देशों में भी इसे देखा जा सकेगा।
इन 3 राशियों को बरतनी होगी विशेष सावधानी
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रमा मन का कारक है, इसलिए इस दौरान मानसिक तनाव या भ्रम की स्थिति बन सकती है। विशेषकर इन राशियों पर प्रभाव अधिक रहेगा:
राशि,संभावित प्रभाव,बचाव के उपाय
कर्क,आर्थिक निवेश और संपत्ति के मामलों में हानि की आशंका। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।,शिवजी को जल चढ़ाएं और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें।
सिंह,”ग्रहण इसी राशि में है, अतः मानसिक अशांति और रिश्तों में तनाव संभव है।”,ग्रहण के बाद स्नान-दान करें और महादेव का अभिषेक करें।
कन्या,खर्चों में बढ़ोतरी और करियर को लेकर असमंजस की स्थिति बन सकती है।,भगवान शिव की उपासना करें और उन्हें बेलपत्र अर्पित करें।
विशेष सलाह: ग्रहण काल के दौरान संयम बनाए रखें और किसी भी बड़े वित्तीय या व्यक्तिगत निर्णय को कुछ दिनों के लिए टालना ही बेहतर होगा।
















