अनिल अंबानी समूह पर ED का शिकंजा : मुंबई और हैदराबाद सहित कई ठिकानों पर तलाशी

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस समूह के प्रमोटर अनिल अंबानी के खिलाफ अपनी जांच तेज कर दी है। शुक्रवार को जांच एजेंसी की लगभग 15 टीमों ने मुंबई और हैदराबाद में करीब एक दर्जन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में की जा रही है।
जांच के घेरे में ‘रिलायंस पावर’ और संपत्तियां
ताजा कार्रवाई में रिलायंस पावर और उससे संबंधित पदाधिकारियों के परिसरों को निशाना बनाया गया है। गौरतलब है कि पिछले महीने ही ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के पाली हिल स्थित अंबानी के निजी आवास ‘अबोड’ (Abode) को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया था, जिसकी कीमत लगभग 3,716 करोड़ रुपये आंकी गई है। अब तक इस समूह की कुल 15,700 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
कर्ज का बोझ: जांच के अनुसार, आरकॉम और उसकी सहायक कंपनियों ने भारतीय और विदेशी बैंकों से मोटी रकम उधार ली थी। वर्तमान में इन कंपनियों पर लगभग 40,185 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसे बैंकों ने NPA घोषित कर दिया है।
ट्रस्ट का खेल: ED का आरोप है कि कानूनी देनदारियों और बैंकों की वसूली से बचने के लिए पाली हिल वाली संपत्ति को चालाकी से एक निजी फैमिली ट्रस्ट के नाम कर दिया गया था।
PMLA के तहत एक्शन: यह पूरी जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की जा रही है ताकि कर्ज के पैसे के हेरफेर का पता लगाया जा सके।
वर्तमान में जांच एजेंसियां दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों को खंगाल रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में समूह की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
















