मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले : जनकल्याण और विकास के लिए 33 हजार करोड़ से अधिक की राशि मंजूर

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने आगामी 5 वर्षों के लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं को जारी रखने हेतु लगभग 33,240 करोड़ रुपये के बजट को अपनी हरी झंडी दे दी है।

यहाँ कैबिनेट बैठक के मुख्य बिंदु दिए गए हैं:

  1. सुशासन और रोजगार: ‘मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स’ प्रोग्राम

प्रशासन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और सुशासन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए ‘मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेंस प्रोग्राम’ को मंजूरी दी गई है।

बजट: 3 वर्ष के क्रियान्वयन के लिए 190 करोड़ रुपये।

उद्देश्य: युवाओं को सरकारी योजनाओं के बेहतर प्रबंधन और जनता तक पहुँचाने की प्रक्रिया से जोड़ना।

  1. “एक जिला-एक उत्पाद” (ODOP) को बढ़ावा

प्रदेश के 7 विशिष्ट जिलों के पारंपरिक उत्पादों के संरक्षण और मार्केटिंग के लिए अगले 5 वर्षों के लिए 37.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

चयनित उत्पाद: सीधी (दरी-कारपेट), दतिया (गुड़), अशोकनगर (चंदेरी हैंडलूम), भोपाल (जरी-जरदोजी), धार (बाग प्रिंट), सीहोर (लकड़ी के खिलौने) और उज्जैन (बटिक प्रिंट)।

लाभ: शिल्पकारों को ट्रेनिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग की सुविधा मिलेगी।

  1. स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

श्रमिकों और आम जनता के लिए चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु नए कदम उठाए गए हैं:

3 नए औषधालय: मैहर, कैमोर (कटनी) और निमरानी (खरगोन) में ईएसआई (ESIC) के नए औषधालय खुलेंगे।

पद सृजन: डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के 51 पदों को मंजूरी। इससे लगभग 62 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को लाभ होगा।

  1. बुनियादी ढांचा और ग्रामीण विकास

ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए भारी निवेश का प्रावधान किया गया है:

ग्रामीण अवसंरचना: पेयजल और सड़क विकास के लिए 6,090 करोड़ रुपये मंजूर।

पंचायत विकास: पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 7,127 करोड़ रुपये की स्वीकृति। इसमें ‘प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण’ (मिड-डे मील) के लिए बड़ा हिस्सा शामिल है।

विद्युत सुधार: ‘रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम’ (RDSS) के तहत बिजली कंपनियों को आर्थिक मजबूती देने का निर्णय।

  1. सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा

समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने के उद्देश्य से निम्नलिखित निर्णय लिए गए:

दिव्यांगजन सहायता: नि:शक्त जनों को ‘प्रोफेशनल टैक्स’ (वृत्तिकर) से मिलने वाली छूट को 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दिया गया है।

जनजातीय कल्याण: अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में शिक्षा, छात्रवृत्ति और स्वरोजगार की योजनाओं के लिए 1,645 करोड़ रुपये स्वीकृत।

महिला सशक्तिकरण: महिला एवं बाल विकास विभाग की निरंतरता के लिए 3,773 करोड़ रुपये आवंटित।

  1. स्टार्टअप और उद्योगों को प्रोत्साहन

मध्य प्रदेश में निवेश और स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए 11,361 करोड़ रुपये की बड़ी राशि मंजूर की गई है। इसके तहत बीमार औद्योगिक इकाइयों को पुनर्जीवित करने, पेटेंट प्राप्त करने और निर्यात में सहायता प्रदान की जाएगी।

न्यायिक विस्तार: सिंगरौली जिले के चितरंगी में नए व्यवहार न्यायालय की स्थापना और वहां 7 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है।

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