मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले नेशनल डिफेंस कॉलेज के विदेशी अधिकारी : एमपी की समृद्धि और ‘सिंहस्थ 2028’ की तैयारियों पर हुई चर्चा

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास ‘समत्व भवन’ में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और शैक्षिक मिलन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की।
प्रमुख बिंदु: दल का प्रवास और उद्देश्य
अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति: इस दल में भारत के पड़ोसी और मित्र देशों— फ्रांस, यूएई, भूटान, नेपाल और म्यांमार के 16 ट्रेनी ऑफिसर्स शामिल हैं।
नेतृत्व: दल की अगुवाई मेजर जनरल पवनपाल सिंह और श्री कुनाल सत्यार्थी कर रहे हैं।
भ्रमण कार्यक्रम: यह टीम 15 से 20 मार्च तक प्रदेश के दौरे पर है। अब तक उन्होंने राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से भेंट की और भीमबैठका, भोजपुर मंदिर एवं विभिन्न संग्रहालयों का भ्रमण किया है। अगले चरण में यह दल उज्जैन, इंदौर और भोपाल के ग्रामीण क्षेत्रों का रुख करेगा।
मुख्यमंत्री का संबोधन: ‘टाइगर स्टेट’ से ‘सिंहस्थ’ तक
अतिथियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश की अनूठी विशेषताओं को उनके सामने रखा:
वन्यजीव संरक्षण: उन्होंने बताया कि एमपी न केवल सबसे घना वन क्षेत्र है, बल्कि यहाँ बाघों और मनुष्यों के बीच का सह-अस्तित्व अद्भुत है। उन्होंने जानकारी दी कि आगामी 25 मार्च को असम से लाए गए जंगली भैंसों को बालाघाट के जंगलों में छोड़ा जाएगा, जिससे जैव-विविधता और बढ़ेगी।
आर्थिक मजबूती: मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ साझा किया कि प्रचुर जल संसाधनों (250 से अधिक नदियाँ) के कारण प्रदेश की बेरोजगारी दर 2% से भी कम है, जो देश में न्यूनतम स्तरों में से एक है।
सिंहस्थ 2028 का निमंत्रण: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उज्जैन भ्रमण के दौरान सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को देखने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि सरकार एक ही दिन में 5 करोड़ लोगों के सुरक्षित स्नान और प्रबंधन के लिए ‘युद्ध स्तर’ पर काम कर रही है।
“इस तरह के अंतरराष्ट्रीय दौरों से न केवल रक्षा संबंधों में मजबूती आती है, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के आदान-प्रदान को भी एक नई दिशा मिलती है।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
इस अवसर पर प्रशासन अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। अंत में मुख्यमंत्री ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ स्मृति स्वरूप सामूहिक चित्र खिंचवाए।
















