छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग कल्याण को नई ऊँचाई : अब अलग संचालनालय संभालेगा विकास की कमान

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित समिति कक्ष में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा प्रदेश के पिछड़ा वर्ग समुदाय के सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान को नई गति देना था। बैठक में सबसे बड़ा निर्णय राज्य में पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए एक पृथक संचालनालय (Directorate) के गठन को लेकर लिया गया।
बैठक के मुख्य बिंदु और सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की प्रगति के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने प्रदेश की जनसांख्यिकीय संरचना का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य में ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग की एक बड़ी आबादी निवास करती है, जिसमें लगभग 95 जातियां और उनके उप-समूह शामिल हैं।
“हमारी सरकार इन वर्गों के शैक्षणिक और सामाजिक-आर्थिक विकास की चुनौतियों को लेकर बेहद संवेदनशील है। हम उनकी सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उन्हें विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए संकल्पित हैं।” — श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
विकास के लिए उठाए गए ठोस कदम
बैठक के दौरान राज्य सरकार द्वारा अब तक किए गए प्रयासों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई:
नया मंत्रालय और बोर्ड: पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक विकास के कार्यों में तेजी लाने के लिए अलग मंत्रालय का गठन किया गया है। इसके साथ ही लौहशिल्प, रजककार और तेलघानी विकास बोर्डों के माध्यम से विशिष्ट समुदायों के कौशल और विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।
शिक्षा और छात्रवृत्ति: पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भुगतान सीधे छात्रों के बैंक खातों में (DBT) किया जा रहा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग: यूपीएससी, सीजीपीएससी, मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को विशेष प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना: ऐसे छात्र जिन्हें सरकारी छात्रावासों में जगह नहीं मिल पाती, उन्हें इस नई योजना के तहत पढ़ाई जारी रखने के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी।
नए छात्रावासों की सौगात: प्रदेश में वर्तमान में 55 छात्रावास संचालित हैं। बजट में रायगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, धमतरी, रायपुर और जशपुर जैसे जिलों में नए पोस्ट मैट्रिक हॉस्टल निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
इस उच्च स्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ-साथ मंत्रिमंडल के सदस्य श्री टंक राम वर्मा, श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, श्री गजेंद्र यादव और श्री ओपी चौधरी उपस्थित थे। साथ ही मुख्य सचिव श्री विकासशील और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी और सलाहकार परिषद के सदस्य भी शामिल हुए।
















