पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव : अली लारिजानी की मौत के बाद ईरान ने दी युद्ध की चेतावनी

तेहरान (एजेंसी)। ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि कर दी है कि उसकी ‘सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल’ (SNSC) के सचिव और कद्दावर नेता अली लारिजानी एक हालिया इसराइली हवाई हमले में मारे गए हैं। लारिजानी की मृत्यु ने मध्य पूर्व में पहले से ही जारी तनाव को और अधिक गहरा कर दिया है।
जवाबी कार्रवाई का संकल्प
ईरानी सेना के प्रमुख, अमीर हातामी ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका और इसराइल को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। हातामी ने अपने बयान में कहा:
“हम सही समय और स्थान का चुनाव कर इस कायराना हमले का ऐसा निर्णायक जवाब देंगे जिसे दुनिया याद रखेगी। अपराधियों को अपने किए पर पछतावा होगा।”
IRGC का मिसाइल हमला
लारिजानी की मौत की खबर सार्वजनिक होते ही ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर’ (IRGC) ने सक्रियता बढ़ा दी है। सैन्य संगठन ने दावा किया है कि उन्होंने लारिजानी की हत्या के प्रतिशोध में मध्य इसराइल के क्षेत्रों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी हैं।
लारिजानी का कद और क्षेत्रीय प्रभाव
अली लारिजानी ईरान की विदेश और सुरक्षा नीतियों के मुख्य रणनीतिकार माने जाते थे। उनकी गिनती ईरान के उन शीर्ष नेताओं में होती थी जो देश के महत्वपूर्ण निर्णयों में निर्णायक भूमिका निभाते थे। इसराइल ने पहले ही उन्हें निशाना बनाने का दावा किया था, जिसे अब ईरान की आधिकारिक स्वीकारोक्ति ने पुख्ता कर दिया है।
इस घटनाक्रम के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में एक पूर्ण युद्ध का खतरा पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है।
















