टेक न्यूज़

डिजिटल क्रांति : भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G बाज़ार, हर यूजर खर्च कर रहा 31GB डेटा

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत में इंटरनेट और मोबाइल डेटा के इस्तेमाल ने एक नया इतिहास रच दिया है। नोकिया मोबाइल ब्रॉडबैंड सूचकांक (MBiT) 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में डिजिटल बदलाव की गति अब दुनिया के बड़े देशों को टक्कर दे रही है। भारतीय यूजर्स अब न केवल इंटरनेट से जुड़ रहे हैं, बल्कि भारी मात्रा में डेटा का उपभोग भी कर रहे हैं।

डेटा खपत में भारी उछाल

रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि भारत में एक औसत मोबाइल यूजर अब हर महीने 31GB से अधिक डेटा खर्च कर रहा है। यह वृद्धि भारतीय समाज की डिजिटल निर्भरता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। डेटा की इस “बाढ़” के पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित कारण जिम्मेदार हैं:

हाई-डेफिनिशन कंटेंट: 4K वीडियो स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया का बढ़ता क्रेज।

नई तकनीक: AI-आधारित ऐप्स और क्लाउड गेमिंग का बढ़ता चलन।

वर्क फ्रॉम एनीवेयर: कामकाज और शिक्षा के लिए इंटरनेट पर बढ़ती निर्भरता।

5G अपनाने में भारत की वैश्विक धमक
भारत अब वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा 5G सब्सक्राइबर बेस बन गया है। 5G तकनीक को अपनाने की यह रफ्तार असाधारण है:

ट्रैफिक में वृद्धि: साल-दर-साल 5G ट्रैफिक में 70% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।

नेटवर्क हिस्सेदारी: देश के कुल मोबाइल ब्रॉडबैंड डेटा का लगभग 47% हिस्सा अब अकेले 5G नेटवर्क से आ रहा है।

शहरों का योगदान: मेट्रो शहरों में स्थिति और भी बेहतर है, जहाँ कुल डेटा ट्रैफिक का 58% हिस्सा 5G है।

स्मार्टफोन मार्केट का बदलता स्वरूप

डिवाइस के मोर्चे पर भी भारत तेजी से अपडेट हो रहा है। 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में सक्रिय 4G डिवाइस की संख्या 892 मिलियन थी, लेकिन अब इनमें से 383 मिलियन डिवाइस 5G सपोर्ट वाले हो चुके हैं। गौर करने वाली बात यह है कि वर्तमान में लॉन्च होने वाले 90% से अधिक स्मार्टफोन 5G तकनीक से लैस हैं, जो भविष्य की मजबूत नींव रख रहे हैं।

भविष्य की राह: 2031 तक 1 अरब यूजर्स

आने वाले वर्षों में यह ग्राफ और ऊपर जाने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि:

2031 तक भारत में 5G यूजर्स की संख्या 1 अरब (100 करोड़) के आंकड़े को पार कर जाएगी।

इंटरनेट का यह विस्तार भारत को एक डिजिटल पावरहाउस के रूप में स्थापित करेगा।

इससे देश की डिजिटल इकोनॉमी को नई ऊर्जा मिलेगी और जीवन के हर क्षेत्र में तकनीक का दखल और गहरा होगा।

निष्कर्ष: भारत अब केवल इंटरनेट का उपभोग करने वाला देश नहीं, बल्कि डेटा और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के मामले में दुनिया का नेतृत्व करने वाला देश बनता जा रहा है। यहाँ डेटा सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि विकास की नई शक्ति बन चुका है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button