चारधाम यात्रा : श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ बढ़ीं

देहरादून (एजेंसी)। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इन दिनों अपने पूरे शबाब पर है। जहाँ एक तरफ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है, वहीं दूसरी ओर अत्यधिक ऊंचाई और खराब स्वास्थ्य के कारण होने वाली मौतें प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। यात्रा के शुरुआती पाँच हफ्तों में अब तक 92 तीर्थयात्री अपनी जान गंवा चुके हैं।
इसके बावजूद, बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने वाले भक्तों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। सोमवार शाम तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 22 लाख से अधिक श्रद्धालु चारों पवित्र धामों के दर्शन कर चुके हैं।
केदारनाथ में सबसे ज्यादा मौतें: ऊंचाई और हृदय रोग मुख्य कारण
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) द्वारा जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि दुर्गम रास्तों और अत्यधिक ऊंचाई के कारण तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कुल मौतें: 92 तीर्थयात्री
केदारनाथ धाम: सबसे अधिक 45 मौतें (जिसमें 44 स्वास्थ्य कारणों से और 1 प्राकृतिक आपदा के कारण हुई)।
बदरीनाथ धाम: 24 मौतें
यमुनोत्री: 13 मौतें
गंगोत्री: 10 मौतें
चिकित्सकों और अधिकारियों के अनुसार, इन मौतों की मुख्य वजह अत्यधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी से होने वाली बीमारियां (High Altitude Sickness) और अचानक दिल का दौरा (Cardiac Arrest) पड़ना है।
श्रद्धालुओं का आंकड़ा: केदारनाथ में उमड़ा भक्तों का सैलाब
चुनौतियों के बाद भी चारों धामों में श्रद्धालुओं की कतारें लगातार लंबी हो रही हैं। सोमवार शाम 7 बजे तक का क्षेत्रवार विवरण इस प्रकार है:
पवित्र धाम,दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या
केदारनाथ,8.72 लाख
बदरीनाथ,6.13 लाख
यमुनोत्री,3.87 लाख
गंगोत्री,3.85 लाख
चारधाम के अलावा, सिखों के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब में भी इन दिनों बड़ी संख्या में संगत दर्शन के लिए पहुँच रही है।
प्रतिकूल मौसम को लेकर मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश
हिमालयी क्षेत्रों में बदलते मौसम को देखते हुए राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रा मार्ग पर मौजूद हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा और ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे अपनी चिकित्सीय जांच कराने के बाद ही यात्रा शुरू करें।
गंगा दशहरा पर हरिद्वार में उमड़ी भीड़
सोमवार को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर हरिद्वार के गंगा घाटों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां गंगा का स्वर्ग से धरती पर अवतरण हुआ था। इस पवित्र तिथि पर लाखों श्रद्धालुओं ने नियमों का पालन करते हुए गंगा में डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की।











