वैश्विक संकट : एशिया से यूरोप तक आसमान से बरस रही आग, टूटे गर्मी के सारे रिकॉर्ड

नई दिल्ली (एजेंसी)। वर्तमान में पूरी दुनिया रिकॉर्ड तोड़ तापमान और भीषण गर्मी के चक्रव्यूह में फंसी हुई है। भारत के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू रहा है, तो दूसरी तरफ यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया के तमाम मुल्क भी इस तपिश से झुलस रहे हैं। पर्यावरणविदों और मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि ‘अल नीनो’ के प्रभाव और लगातार बढ़ते जलवायु परिवर्तन के कारण अब लू (हीटवेव) का दौर न सिर्फ लंबा खींच रहा है, बल्कि यह समय से पहले और अधिक आक्रामक रूप में सामने आ रहा है।
मौसम विभाग के जानकारों के मुताबिक, जो तपिश आमतौर पर जून या जुलाई के महीनों में महसूस होती थी, उसने इस बार मई में ही सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। इस जानलेवा मौसम का असर बच्चों की पढ़ाई, खेलकूद के आयोजनों और आम जनजीवन पर साफ देखा जा रहा है। कई देशों से तो अत्यधिक गर्मी के कारण लोगों की जान जाने और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर आपातकाल की खबरें भी आ रही हैं।
ब्रिटेन में मई महीने ने दिखाया जून-जुलाई जैसा रूप
ब्रिटेन में इस बार मई के महीने में ऐतिहासिक गर्मी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, लंदन के प्रसिद्ध ‘क्यू गार्डन्स’ में पारा 34.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। इसने वर्ष 1922 और 1944 में बने पुराने कीर्तिमानों को पीछे छोड़ दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इतनी तीव्र गर्मी अमूमन जुलाई या अगस्त में पड़ती है। अचानक आई इस हीटवेव से राहत पाने के लिए लोग स्विमिंग पूल्स, पार्कों और फव्वारों के आसपास शरण लेने को मजबूर हैं।
फ्रांस के 350 से अधिक शहरों में पारे का नया कीर्तिमान
फ्रांस में भी गर्मी के हालात बेहद चिंताजनक हैं, जहाँ लगभग 350 से ज्यादा शहरों ने मई के महीने में तापमान का एक नया शिखर छुआ है। कई क्षेत्रों में थर्मामीटर का पारा 37 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। सरकार ने एहतियातन हाई-अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को दोपहर के वक्त घरों के भीतर रहने की हिदायत दी है। पेरिस में आयोजित एक दौड़ प्रतियोगिता के दौरान भीषण गर्मी की वजह से एक धावक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य धावकों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाना पड़ा।
स्पेन में 40 डिग्री सेल्सियस की तरफ बढ़ता पारा और तपती रातें
स्पेन इस समय प्रचंड लू की चपेट में है। वहाँ के मौसम विज्ञानियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है। सबसे ज्यादा परेशानी की बात यह है कि रातों का तापमान भी 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं आ रहा, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे तपन झेलनी पड़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, यह स्थिति बुजुर्गों और नवजातों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
वियतनाम में हीट स्ट्रोक और जंगलों में आग का खतरा
एशियाई देशों की बात करें तो वियतनाम इस वक्त मौसम की सबसे भीषण मार झेल रहा है। देश के कई हिस्सों में तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग ने यहाँ डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और जंगलों में दावानल (आग) भड़कने की गंभीर चेतावनी जारी की है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे के बीच बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें।
दुनिया के अन्य देशों की स्थिति पर एक नज़र
थाईलैंड: राजधानी बैंकॉक समेत कई प्रमुख प्रांतों में बढ़ते पारे को देखते हुए हेल्थ इमरजेंसी और अलर्ट जारी किए गए हैं।
फिलीपींस: जानलेवा गर्मी के कारण प्रशासन को स्कूलों में प्रत्यक्ष कक्षाएं बंद कर ऑनलाइन पढ़ाई का सहारा लेना पड़ा है।
मेक्सिको: लगातार चल रही हीटवेव ने यहाँ का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है और कई राज्यों से मौतों के आंकड़े सामने आए हैं।
चीन: देश के उत्तरी और मध्यवर्ती इलाकों में इस बार गर्मी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
पाकिस्तान: पड़ोसी देश के सिंध और पंजाब प्रांतों में स्थिति सबसे बदतर है, जहाँ पारा 50 डिग्री सेल्सियस के बेहद करीब पहुंच चुका है।
भारत का मौसम: एक तरफ नौतपा की तपिश, दूसरी तरफ भारी बारिश का अलर्ट
भारत में सोमवार को ‘नौतपा’ के पहले ही दिन उत्तर-पश्चिमी और मध्य भागों में चिलचिलाती धूप, उमस और गर्म थपेड़ों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्य दोपहर के समय भट्टी की तरह तप रहे हैं। दिन के साथ-साथ रातें भी झुलसा रही हैं और मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों तक इस स्थिति से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
दक्षिणी राज्यों में राहत की बौछारें:
उत्तर भारत जहाँ गर्मी से त्रस्त है, वहीं तमिलनाडु में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) ने मंगलवार को राज्य के 8 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से लेकर दक्षिण-पूर्वी अरब सागर तक बने एक चक्रवातीय परिसंचरण (Atmospheric Circulation) के कारण दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम सुहाना रहेगा और भारी बारिश होगी।
















