FWICE बैन विवाद : रणवीर सिंह के प्रवक्ता का बड़ा बयान, चुप्पी साधने की बताई असली वजह

नई दिल्ली (एजेंसी)। फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर अभिनेता रणवीर सिंह और निर्माता-निर्देशक फरहान अख्तर के बीच छिड़ा विवाद इन दिनों बॉलीवुड में गरमाया हुआ है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज (FWICE) द्वारा रणवीर पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद, अब अभिनेता की पीआर टीम ने इस मामले पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। रणवीर के प्रवक्ता के अनुसार, विवाद पर अभिनेता की खामोशी एक सोची-समझी रणनीति थी, क्योंकि वह अपने निजी और व्यावसायिक रिश्तों को तमाशा नहीं बनाना चाहते थे।
गरिमा बनाए रखने के लिए नहीं दिया बयान
रणवीर सिंह की टीम की तरफ से जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा गया है कि अभिनेता फिल्म जगत और ‘डॉन 3’ की पूरी टीम का बेहद सम्मान करते हैं। उनके मुताबिक, व्यावसायिक मतभेदों और निजी संबंधों को हमेशा परिपक्वता, गरिमा और आपसी समझदारी से सुलझाया जाना चाहिए। यही वजह है कि उन्होंने सोशल मीडिया या मीडिया चैनलों पर चल रही अटकलों और बयानबाजी का हिस्सा बनने से खुद को दूर रखा।
प्रवक्ता ने यह भी साफ किया कि रणवीर का पूरा ध्यान इस समय केवल उनके आगामी अभिनय प्रोजेक्ट्स और काम पर केंद्रित है। उनका मकसद कभी भी किसी विवाद को बढ़ावा देना या किसी पर कीचड़ उछालना नहीं रहा है। वह ‘डॉन 3’ से जुड़े हर सदस्य की कामयाबी की दुआ करते हैं और आगे भी इस मुद्दे पर संयम बरतेंगे।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद अप्रैल 2026 में तब शुरू हुआ, जब फरहान अख्तर के प्रोडक्शन हाउस ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ ने रणवीर सिंह के खिलाफ FWICE में एक शिकायत दर्ज कराई। आरोप था कि रणवीर ने तीन फिल्मों का करार किया था, जिसमें से एक फिल्म का प्री-प्रोडक्शन काम भी शुरू हो चुका था। लेकिन शूटिंग शुरू होने के ठीक तीन हफ्ते पहले रणवीर ने फिल्म से हाथ पीछे खींच लिए, जिससे निर्माताओं को करीब 45 करोड़ रुपये का भारी नुकसान झेलना पड़ा।
नोटिस का जवाब न मिलने पर लगा प्रतिबंध
FWICE के पदाधिकारियों का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद रणवीर सिंह को हर 10 दिन में एक, यानी कुल तीन नोटिस भेजे गए थे। जब अभिनेता की तरफ से कोई उचित जवाब नहीं मिला, तो संगठन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर उन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी। फेडरेशन ने फिल्म उद्योग के अन्य लोगों से भी अपील की है कि जब तक नुकसान का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक कोई भी रणवीर के साथ काम न करे।
अब पूरी फिल्म इंडस्ट्री की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों पक्ष आपसी बातचीत से इस करोड़ों के नुकसान के विवाद को सुलझा पाते हैं, या फिर यह कानूनी लड़ाई और लंबा रूप लेगी।
















