सेवा और संकल्प के दशकों का नाम है भाजपा : नितिन नवीन

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने संगठन की यात्रा को केवल राजनीतिक सफर नहीं, बल्कि निस्वार्थ त्याग और अटूट तपस्या की कहानी बताया।
राष्ट्र निर्माण का संकल्प
नितिन नवीन ने दुनिया के इस सबसे बड़े राजनीतिक दल के सदस्यों को बधाई देते हुए आह्वान किया कि वे ‘राष्ट्र प्रथम’ के मूल मंत्र को अपनाते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए एकजुट हों। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा का अस्तित्व सत्ता के लिए नहीं, बल्कि देश के उत्थान के लिए है।
जनसंघ से भाजपा तक का गौरवशाली इतिहास
भाजपा की विकास यात्रा को समझने के लिए इसके ऐतिहासिक सफर पर नजर डालना आवश्यक है:
जड़ें: इसकी वैचारिक नींव 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित ‘भारतीय जनसंघ’ में निहित है।
स्थापना: 1980 में जनता पार्टी से अलग होकर एक नई ऊर्जा के साथ भारतीय जनता पार्टी का उदय हुआ।
विचारधारा: पार्टी का मुख्य केंद्र हमेशा से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और समग्र विकास रहा है।
अंत्योदय का सपना हो रहा साकार
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने (अंत्योदय) का जो सपना देखा था, वह आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हकीकत बन रहा है।
“यह सफर जनसंघ के समय से शुरू हुआ और आज लाखों कार्यकर्ताओं के समर्पण के कारण भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति बनी है। अब समय है कि हम अपनी पूरी ऊर्जा को भारत को विकसित बनाने में समर्पित कर दें।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ‘इंडिया फर्स्ट’ के सिद्धांत और निस्वार्थ जनसेवा के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराया।
















