महतारी वंदन योजना : ई-केवाईसी की अनिवार्यता से भुगतान में अड़चन, केंद्रों पर बढ़ी महिलाओं की भीड़

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों के लिए इन दिनों मुश्किलें बढ़ गई हैं। योजना के तहत मिलने वाली ₹1000 की मासिक सहायता राशि कई महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचना बंद हो गई है। इस रुकावट का मुख्य कारण ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया को अनिवार्य बनाना बताया जा रहा है, जिसने प्रदेश की महिलाओं की चिंता बढ़ा दी है।
केवाईसी अपडेट के लिए मशक्कत
योजना का लाभ निरंतर मिलता रहे, इसके लिए सरकार ने अब ई-केवाईसी को जरूरी कर दिया है। इस औपचारिकता को पूरा करने के लिए प्रदेशभर के चॉइस सेंटरों और लोक सेवा केंद्रों पर महिलाओं का हुजूम उमड़ रहा है। अपनी बारी के इंतजार में महिलाएं सुबह से ही केंद्रों के बाहर कतारों में खड़ी नजर आ रही हैं।
तकनीकी खामियां बनीं बड़ी बाधा
प्रक्रिया पूरी करने में सबसे बड़ी रुकावट सर्वर का ठप होना साबित हो रहा है। बिलासपुर समेत राज्य के कई हिस्सों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी तकनीकी खराबी के कारण काम नहीं हो पा रहा है।
सर्वर डाउन: पिछले कुछ दिनों से सिस्टम पर अधिक लोड होने के कारण सर्वर सही ढंग से काम नहीं कर रहा है।
संचालकों की परेशानी: चॉइस सेंटर संचालकों का कहना है कि तकनीकी दिक्कतों की वजह से वे चाहकर भी महिलाओं की मदद नहीं कर पा रहे हैं, जिससे काम की गति बेहद धीमी हो गई है।
निराशा: कई महिलाएं दिनभर इंतजार करने के बाद बिना काम कराए खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हैं, जिससे उनमें इस योजना के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
नोट: यदि आप भी इस योजना के लाभार्थी हैं, तो अपने नजदीकी चॉइस सेंटर पर जाकर आधार और बैंक विवरण के साथ ई-केवाईसी की स्थिति जरूर जांच लें, ताकि आपकी अगली किस्त न रुके।
















