कनेरी नल-जल योजना का काम आखिरी चरण में, जल्द दूर होगी 27 गांवों की पानी की समस्या

रायपुर। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मिलने वाली है। बालोद जिले के गुरूर विकासखंड के ग्राम धनोरा में बन रहे कनेरी मल्टी-विलेज वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। इस प्लांट के शुरू होने से क्षेत्र के 27 गांवों के घरों तक साफ और सुरक्षित पेयजल पहुंचने का रास्ता साफ हो जाएगा।
हाल ही में बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने निर्माण स्थल का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी है कि योजना से जुड़े सभी तकनीकी कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा कर जल्द से जल्द जलापूर्ति शुरू की जाए।
अत्याधुनिक तकनीकों से शुद्ध होगा पानी
कलेक्टर ने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के अफसरों से इसकी कार्यप्रणाली को समझा। इस आधुनिक प्लांट में पानी को पूरी तरह शुद्ध करने के लिए कई चरण तय किए गए हैं:
रॉ-वॉटर इनटेक: मुख्य स्रोत से पानी को प्लांट तक लाना।
सेडीमेंटेशन व फिल्ट्रेशन: पानी में मौजूद गंदगी और अशुद्धियों को छानकर अलग करना।
क्लोरीनेशन यूनिट: कीटाणुओं को खत्म कर पानी को पीने योग्य बनाना।
कलेक्टर ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि ग्रामीणों को मिलने वाले पानी की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पानी पूरी तरह तय मानकों के अनुरूप होना चाहिए और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
गर्मी के संकट और महिलाओं की परेशानी से मिलेगी मुक्ति
अधिकारियों के अनुसार: “कनेरी समूह जल प्रदाय योजना के चालू होते ही इलाके के 27 गांवों के हर घर में नल के जरिए नियमित रूप से शुद्ध पानी मिलने लगेगा।”
इस योजना के पूरे होने से ग्रामीणों को खासकर दो बड़ी राहतें मिलेंगी:
गर्मी की किल्लत से निजात: हर साल गर्मी के मौसम में होने वाली पानी की किल्लत हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
महिलाओं को राहत: पानी भरने के लिए महिलाओं को अब घर से दूर नहीं भटकना पड़ेगा, जिससे उनके समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
















