छत्तीसगढ़

महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय : मुख्यमंत्री साय ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की महत्ता पर दिया जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हाल ही में रायपुर स्थित अपने निवास पर मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस चर्चा का मुख्य केंद्र ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और इसके प्रति जन-जागरूकता को गांव-गांव तक पहुँचाना रहा।

विशेष संसद सत्र और प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री ने आगामी 16 से 18 अप्रैल तक आयोजित होने वाले विशेष संसद सत्र को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में लाया गया यह अधिनियम भारतीय राजनीति और समाज में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाई प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह कानून केवल एक नीति नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

छत्तीसगढ़ में ‘महतारी गौरव वर्ष’ का संकल्प

राज्य सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए श्री साय ने कहा:

महतारी गौरव वर्ष: ‘जनादेश परब’ के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026 को महिलाओं के सम्मान में समर्पित करते हुए इसे ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

महतारी वंदन योजना: इस योजना के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश की लाखों महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके जीवन में खुशहाली आई है।

“एक समर्थ और सशक्त राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब हमारी नारी शक्ति सशक्त हो। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ की हर माता और बहन के सम्मान और गौरव की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।”
— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे इस अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप दें ताकि समाज का हर वर्ग नारी शक्ति के इस गौरवशाली संकल्प से जुड़ सके। अंत में, उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button