अब प्लास्टिक की बोतलों में मिलेगी देसी शराब, दुकानों तक पहुंची पहली खेप

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आबकारी विभाग के नए नियमों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। शहर की मदिरा दुकानों में अब देसी और कम कीमत वाली शराब कांच के बजाय प्लास्टिक की बोतलों (PET bottles) में मिलना शुरू हो गई है। हालांकि यह नियम 1 अप्रैल से ही प्रभावी हो गया था, लेकिन इसकी वास्तविक आपूर्ति अब जाकर शुरू हुई है।
ब्रांड्स की उपलब्धता: शुरुआत में ‘शेरा’ (मसाला) और ‘शोले’ (प्लेन) जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स की खेप प्लास्टिक बोतलों में पहुंची है।
पहली खेप: सोमवार को राजधानी में लगभग 2,400 पेटी शराब की सप्लाई की गई, जिसे मांग के अनुसार विभिन्न दुकानों में भेजा जा रहा है।
पुराना स्टॉक: फिलहाल जिन दुकानों में कांच की बोतलों का पुराना स्टॉक समाप्त हो चुका है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नई बोतलों की आपूर्ति की जा रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
जिला आबकारी अधिकारी के अनुसार, वर्तमान में केवल दो कंपनियां ही प्लास्टिक बोतलों में पैकिंग कर सप्लाई दे पा रही हैं। आने वाले एक-दो दिनों में जब पुराना स्टॉक पूरी तरह खत्म हो जाएगा, तब जिले की सभी दुकानों पर केवल प्लास्टिक पैकेजिंग ही उपलब्ध होगी।
खपत का गणित: > रायपुर जिले में प्रतिदिन औसतन 3,000 पेटी देसी और 6,000 पेटी सस्ती श्रेणी (low-range) की शराब की खपत होती है। विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना है ताकि स्टॉक की कमी न हो।
भविष्य की तैयारी: जैसे-जैसे अन्य कंपनियां अपनी पैकेजिंग यूनिट्स को अपडेट करेंगी, बाजार में प्लास्टिक बोतलों की उपलब्धता और बढ़ेगी। विभाग का लक्ष्य धीरे-धीरे पूरी तरह से कांच की बोतलों को इस श्रेणी से बाहर करना है।
















