बाबा साहेब का संघर्षमय जीवन : न्याय और समानता का अमर संदेश

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के कलेक्ट्रेट चौक पर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 21 फीट ऊंची पंचधातु प्रतिमा का भव्य अनावरण किया। इस गौरवशाली अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब के आदर्शों को याद करते हुए उन्हें आधुनिक भारत का शिल्पकार बताया।
डॉ. अंबेडकर: समानता और शिक्षा के प्रतीक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन केवल एक व्यक्ति की गाथा नहीं, बल्कि संघर्ष और विजय का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने रेखांकित किया कि:
संविधान की शक्ति: बाबा साहेब द्वारा रचित संविधान ने शोषितों और वंचितों को समाज में सिर उठाकर जीने का अधिकार दिया।
शिक्षा का महत्व: कठिन परिस्थितियों के बावजूद कोलंबिया विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने साबित किया कि ज्ञान ही वह अस्त्र है, जिससे समाज बदला जा सकता है।
महिला सशक्तिकरण: मुख्यमंत्री ने उनके विचारों को दोहराया कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति वहां की महिलाओं की स्थिति से मापी जाती है।
विकास कार्यों के लिए 60 लाख रुपये की घोषणा
स्थानीय जनसुविधाओं को बेहतर बनाने और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की मांग पर 60 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जाएगा:
मंगल भवन का निर्माण।
सामुदायिक भवनों का विकास।
विभिन्न निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य।
बाबा साहेब के सपनों का भारत और छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बाबा साहेब के विजन को धरातल पर उतार रही है। उज्ज्वला, जनधन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं सीधे तौर पर समाज के अंतिम व्यक्ति को लाभान्वित कर रही हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का निर्माण बाबा साहेब के सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित होगा।
“बाबा साहेब की प्रतिमाएं केवल पत्थर या धातु की संरचना नहीं हैं, बल्कि वे हमारे लिए न्याय, समरसता और समानता के मार्ग पर चलने की निरंतर प्रेरणा हैं।” — विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री
उपस्थित गणमान्य जन
इस गरिमामय समारोह में कैबिनेट मंत्री श्री खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री किरण सिंह देव, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा सहित विभिन्न निगमों के अध्यक्ष और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहेब के योगदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
















