ऊर्जा संकट के बीच सप्लाई सुधारने की कोशिश, लेकिन गैस सिलेंडरों की ‘पैनिक बुकिंग’ ने बढ़ाई सरकार की चिंता

नई दिल्ली (एजेंसी)। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी ने वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में उपजे गतिरोध के कारण भारत में भी एलपीजी (LPG) आपूर्ति पर दबाव महसूस किया जा रहा है। हालांकि केंद्र सरकार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय है, लेकिन आम जनता के बीच ‘पैनिक बुकिंग’ का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
मांग में भारी उछाल और सरकारी प्रयास
आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 90 लाख एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग हो रही है। सामान्य दिनों में यह संख्या 50 लाख और त्योहारों के दौरान अधिकतम 70 लाख तक रहती थी। मांग में आए इस अकल्पनीय उछाल का मुख्य कारण उपभोक्ताओं में भविष्य की कमी को लेकर डर है।
सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए बहु-स्तरीय रणनीति अपनाई है:
घरेलू उत्पादन में वृद्धि: खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू स्तर पर गैस उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
आयात विविधीकरण: केवल खाड़ी देशों के भरोसे न रहकर अब अन्य देशों से भी एलपीजी आयात के विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
नियमों में बदलाव: सिलेंडरों की बुकिंग समय सीमा में अस्थायी बदलाव किए गए हैं ताकि कालाबाजारी और अनावश्यक जमाखोरी रोकी जा सके।
छोटे सिलेंडरों और पीएनजी (PNG) पर फोकस
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्यम और निम्न आय वर्ग को राहत देने के लिए सरकार ने 5 किलो वाले (छुटकू) सिलेंडरों की आपूर्ति तेज कर दी है। मार्च के अंतिम सप्ताह से अब तक 13 लाख से अधिक ऐसे सिलेंडर बिक चुके हैं और इनकी दैनिक बिक्री एक लाख यूनिट के आंकड़े को पार कर गई है।
दूसरी ओर, सरकार का पूरा जोर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार पर है। मार्च महीने से अब तक देशभर में सवा चार लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं। राहत की बात यह है कि पीएनजी की सुविधा मिलने के बाद लगभग 30,000 उपभोक्ताओं ने अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं, जिससे सिलेंडर की मांग में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है।
क्या है संकट की मुख्य वजह?
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के ऐलान ने पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा दिया है। भारत सरकार लगातार जनता से अपील कर रही है कि घबराहट में बुकिंग न करें, क्योंकि देश के पास पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति बहाल रखने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
















