पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनाव 2026 : मुर्शिदाबाद में बमबारी और झड़प, मतदान जारी

मुर्शिदाबाद (एजेंसी)। लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव के तहत आज पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जहाँ पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, वहीं तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर आज एक ही चरण में फैसला होना है। सुरक्षा के कड़े पहरे के बावजूद, बंगाल के कुछ हिस्सों से हिंसा और तनाव की खबरें आ रही हैं।
मुर्शिदाबाद में हिंसा: देसी बमों से हमला
मुर्शिदाबाद जिले का नाओदा इलाका आज सुबह धमाकों की गूंज से दहल गया। मतदान शुरू होने से ठीक पहले अज्ञात हमलावरों ने इलाके में देसी बम फेंके। इस हमले में कई लोगों के घायल होने की सूचना है, जिससे स्थानीय मतदाताओं के बीच दहशत का माहौल बन गया। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया है और मामले की छानबीन की जा रही है।
हुमायूं कबीर और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत
मुर्शिदाबाद में ही राजनीतिक तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के प्रमुख हुमायूं कबीर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई।
विवाद का कारण: कबीर उस क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे थे जहाँ बमबारी हुई थी।
आरोप: हुमायूं कबीर ने दावा किया कि नाओदा के बूथ संख्या 9 और 10 पर रात में असामाजिक तत्वों ने पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी की और उनके बैग छीन लिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बाकी की 22 सीटों पर मतदान फिलहाल शांतिपूर्ण है।
तमिलनाडु: के. अन्नामलाई ने उठाए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
दूसरी ओर, तमिलनाडु के कोयंबटूर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने चुनाव प्रबंधन पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा:
गड़बड़ी की आशंका: कोयंबटूर साउथ निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रक्रिया के दौरान धांधली की संभावना है।
प्रशासन की चूक: उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों में चुनावी तैयारियों में भारी कमी देखी गई है, जिससे कई जगहों पर प्रक्रिया बाधित हुई।
जनता का फैसला: अन्नामलाई ने लोगों से भारी संख्या में वोट डालने की अपील करते हुए कहा कि राज्य की जनता ने पिछले पांच वर्षों का शासन देखा है और वे अपना फैसला सोच-समझकर सुनाएंगे।
प्रशासन ने दोनों राज्यों में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया है, ताकि मतदाता बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
















