वन मंत्री केदार कश्यप ने लिया तेंदूपत्ता संग्रहण का जायजा, डिजिटल भुगतान प्रक्रिया को स्वयं परखा

कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने रविवार को कोंडागांव जिले के दहिकोंगा स्थित तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र (फड़) का आकस्मिक दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर तेंदूपत्ता की गुणवत्ता और संग्राहकों को मिल रही सुविधाओं का आकलन करना था।
डिजिटल तकनीक से हुआ भुगतान
मंत्री श्री कश्यप ने निरीक्षण के दौरान न केवल पत्तों के मानक देखे, बल्कि ऑनलाइन भुगतान प्रणाली की पारदर्शिता की भी जांच की। उन्होंने मौके पर मौजूद दो संग्राहकों के मोबाइल का उपयोग कर स्वयं ऑनलाइन एंट्री की और भुगतान की प्रक्रिया को पूरा करवाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि:
“हमारी सरकार का लक्ष्य है कि तेंदूपत्ता संग्राहकों की मेहनत का फल सीधे और बिना किसी देरी के उनके खातों में पहुंचे। डिजिटल व्यवस्था इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बना रही है।”
संग्राहकों से आत्मीय संवाद
इस दौरे के दौरान मंत्री ने स्थानीय संग्राहकों से सीधी बातचीत की और उन्हें ‘तेंदूपत्ता तिहार’ की बधाई दी। उन्होंने ग्रामीणों को राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि श्रमिकों की आर्थिक उन्नति और उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है।
उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान मंत्री के साथ वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
श्री चूड़ामणि सिंह (वन मंडलाधिकारी, कोंडागांव)
डॉ. आशीष कोटरिवार (संयुक्त वन मंडलाधिकारी)
कोंडागांव और दहिकोंगा के परिक्षेत्र अधिकारी एवं अन्य विभागीय कर्मचारी।
















