वन्य जीव संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने गरियाबंद जिले के छुरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 133वें संस्करण को सुना। इस दौरान उन्होंने राज्य में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सरकार के संकल्प को दोहराया।
काले हिरणों का संरक्षण: प्रदेश के लिए गौरव का क्षण
प्रधानमंत्री द्वारा अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ में काले हिरणों (Blackbucks) के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करने पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए न केवल गर्व की बात है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी प्रेरणा भी है।
राज्य सरकार की प्राथमिकताएं और प्रयास
मंत्री जी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में चल रहे संरक्षण कार्यों पर प्रकाश डालते हुए निम्नलिखित मुख्य बातें साझा कीं:
पुनरुद्धार: जो काले हिरण कभी विलुप्ति के कगार पर थे, वे अब सरकारी प्रयासों और सुरक्षित आवास प्रबंधन के कारण फिर से दिखाई देने लगे हैं।
प्रभावी नीतियां: राज्य सरकार जंगलों के बचाव, प्राकृतिक रहवासों के सुधार और जैव विविधता (Biodiversity) को बनाए रखने के लिए निरंतर नई योजनाएं लागू कर रही है।
जनभागीदारी: विकास कार्यों को पर्यावरण सुरक्षा के साथ जोड़ते हुए, आम जनता को भी इस मुहिम का हिस्सा बनाया जा रहा है।
जागरूकता का माध्यम: ‘मन की बात’
श्रीमती राजवाड़े ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की महत्ता बताते हुए कहा कि यह मंच देश में सामाजिक और पर्यावरणीय बदलाव लाने का एक शक्तिशाली जरिया बन चुका है। यह नागरिकों को राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर एकजुट होने और सकारात्मक सोचने के लिए प्रेरित करता है।
इस कार्यक्रम के दौरान सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक श्री रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
















