पश्चिम एशिया में गहराया संकट : होर्मुज में भिड़े अमेरिका-ईरान, UAE में धमाकों से मचा हड़कंप

नई दिल्ली (एजेंसी)। पश्चिम एशिया का सुरक्षा परिदृश्य एक बार फिर बेहद नाजुक दौर से गुजर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिका और ईरान के बीच हुई हालिया झड़पों ने दोनों देशों के बीच कायम संघर्ष विराम (Ceasefire) को गंभीर खतरे में डाल दिया है।
होर्मुज में तनाव और UAE पर हमला
होर्मुज क्षेत्र में दोनों पक्षों की ओर से हुई फायरिंग ने तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है। इस स्थिति के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से दागे गए 19 मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराया है। हालांकि, फुजैरा ऑयल इंडस्ट्री जोन में हुए एक ड्रोन हमले के कारण वहाँ भीषण आग लग गई। इस घटना में तीन भारतीय नागरिकों के घायल होने की सूचना है।
ईरान ने आधिकारिक रूप से इन हमलों में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, यूएई को निशाना बनाने की उनकी कोई योजना नहीं थी और ये हमले ईरानी सीमा से नहीं किए गए थे।
अमेरिका की रणनीति: ‘ऑपरेशन फ्रीडम’
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी महज सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम है जिसे ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ कहा जा रहा है। इसका उद्देश्य यह परखना है कि ईरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को अमेरिकी जहाजों के लिए कितनी सख्ती से बंद रख सकता है। अमेरिकी प्रशासन ईरान पर दबाव बनाकर बातचीत में बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। वहीं, पेंटागन ने उन रिपोर्ट्स को खारिज किया है जिनमें ईरान द्वारा अमेरिकी युद्धपोत पर हमले का दावा किया गया था। अमेरिकी सेना के अनुसार, उन्होंने केवल उन ईरानी छोटी नावों को निष्क्रिय किया जो व्यावसायिक जहाजों के मार्ग में बाधा बन रही थीं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
इस भू-राजनीतिक संघर्ष का सीधा असर वैश्विक बाजारों पर पड़ रहा है:
तेल की कीमतें: आपूर्ति बाधित होने के डर से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है।
बाजार की स्थिति: शेयर बाजारों में गिरावट देखी जा रही है।
भविष्य की चिंता: विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यह जलमार्ग लंबे समय तक बंद रहता है, तो अमेरिका में ईंधन की कीमतें 5 डॉलर प्रति गैलन तक पहुँच सकती हैं।
कूटनीतिक प्रयास
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कतर, जॉर्डन, सऊदी अरब और यूरोपीय संघ जैसे अंतरराष्ट्रीय शक्तियों ने इन हमलों की निंदा की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सैन्य समाधान को खारिज करते हुए कहा है कि इस संकट का हल केवल कूटनीति से संभव है। वर्तमान में, पाकिस्तान की मध्यस्थता में सभी पक्षों के बीच बातचीत जारी है ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।
अब सबकी निगाहें होर्मुज के घटनाक्रम पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि क्या यह संघर्ष विराम (Ceasefire) बना रहेगा या क्षेत्र एक पूर्ण युद्ध की ओर अग्रसर होगा।
















